🏔️ “अंतिम नहीं, अब ‘प्रथम गांव’ माणा…”: धामी के दौरे ने जगाई नई उम्मीद
हिमालय की गोद में बसे माणा गांव में बुधवार को कुछ अलग ही माहौल था। ठंडी हवाओं के बीच गूंजते मांगलगीत, पहाड़ी परंपराओं की खुशबू और आत्मनिर्भरता की चमक—इन सबके बीच पहुंचे पुष्कर सिंह धामी ने सीमांत भारत की इस आखिरी नहीं, बल्कि “पहली” बस्ती की नब्ज को करीब सेपढ़ना जारी रखें



















