देहरादून में जनसंपर्क दिवस पर मंथन: संवाद से बनता है विश्वास, फेक न्यूज़ पर भी चिंता

देहरादून की हलचल भरी राजपुर रोड पर स्थित हुडको सभागार में इस बार सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवाद और विश्वास की असली ताकत पर गहरी चर्चा देखने को मिली। मौके था राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस, और आयोजन किया था Public Relations Society of India (PRSI) देहरादून चैप्टर ने। 🎯

🗣️ संवाद से बनता है भरोसा, भरोसे से मजबूत होता लोकतंत्र

“लोकतंत्र में जनसंपर्क का महत्व” विषय पर आयोजित इस विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने एक सुर में कहा — संवाद ही विश्वास की नींव है

चैप्टर अध्यक्ष एवं उपनिदेशक रवि बिजारनिया ने साफ शब्दों में कहा कि जनसंपर्क केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु है। जब संवाद प्रभावी होता है, तभी समाज में भरोसा बनता है और उम्मीदें हकीकत में बदलती हैं।

📢 बदलते दौर में जिम्मेदार संवाद की जरूरत

हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख संजय भार्गव ने जनसंपर्क के दायरे को और व्यापक बताते हुए कहा कि यह केवल सरकारी कामकाज तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार और समाज के हर स्तर पर इसकी भूमिका है।
आज जब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सूचनाओं की बाढ़ है, ऐसे में जिम्मेदार और सटीक संवाद पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

⚠️ फेक न्यूज़ और डीप फेक: नई चुनौती

कार्यक्रम में सदस्य मनीता हरि ने डिजिटल युग की एक बड़ी सच्चाई पर ध्यान दिलाया — फेक न्यूज़ और डीप फेक
उन्होंने कहा कि सूचना के इस तेज दौर में हर नागरिक को सतर्क रहना होगा, क्योंकि गलत जानकारी समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा कर सकती है।

🤝 जनसंपर्क: सिर्फ प्रोफेशन नहीं, समाज सेवा का माध्यम

चैप्टर सचिव अनिल सती ने PRSI की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों का स्वागत किया।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जनसंपर्क का सकारात्मक और प्रामाणिक स्वरूप न केवल संस्थाओं के लिए, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी समाज और राष्ट्र सेवा का सशक्त जरिया बन सकता है।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार संजीव कंडवाल ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।

इस दौरान राकेश डोभाल, प्रियांक वशिष्ठ, सुशील कुमार, मनोज सती, रितिक, वैभव गोयल, विमल डबराल, दिनेश कुमार, दीपक शर्मा, संजय पांडेय और पुष्कर नेगी समेत कई सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।