नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों और सांसदों को एक सकारात्मक संदेश दिया। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सत्र स्वस्थ बहस, सार्थक चर्चा और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का मंच बनेगा।
प्रधानमंत्री ने मानसून और संसद के बीच दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि जैसे अच्छी बारिश देश के लिए समृद्धि लेकर आती है, उसी तरह एक उत्पादक संसद देश के विकास को नई दिशा देती है। उन्होंने कहा कि सभी की कामना होनी चाहिए कि मानसून भी अच्छा रहे और संसद का मानसून सत्र भी उतना ही परिणामकारी साबित हो।
🇮🇳 एक महीने की उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्होंने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया है।
उन्होंने विशेष रूप से भारतीय युवाओं और स्टार्टअप्स की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कम उम्र के युवाओं द्वारा हासिल की गई उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि भारत की नई पीढ़ी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही है।
उनके अनुसार, इन सफलताओं ने यह संदेश दिया है कि भारतीय युवाओं के सपनों और उनकी क्षमताओं की कोई सीमा नहीं है।
🚀 नवाचार और स्टार्टअप्स की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतिगत सुधारों ने युवाओं के लिए ऐसा माहौल तैयार किया है, जहां वे नए प्रयोग करने का साहस दिखा रहे हैं और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत के स्टार्टअप्स, वैज्ञानिक, इंजीनियर और उद्यमी आज देश को नई तकनीकी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
🏗️ विकास परियोजनाओं को बताया नई ताकत
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में शुरू हुई कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में आधारभूत ढांचे और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में लगातार निवेश हो रहा है।
उन्होंने राजस्थान में नई तेल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र और हरित हाइड्रोजन ट्रेन जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये उपलब्धियां भारत को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
🌍 वैश्विक चुनौतियों के बीच भी मजबूत रही भारतीय अर्थव्यवस्था
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और उससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों की आपूर्ति पर दबाव जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक मजबूती बनाए रखी।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है, जो देश की क्षमता और सामर्थ्य को दर्शाता है।
🤝 संसद में रचनात्मक बहस की अपील
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील की कि संसद में तथ्य आधारित, गंभीर और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है और जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस ही देश को आगे ले जाती है।
उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग चाहता है कि संसद सुचारु रूप से चले और विकास से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय लिए जाएं।










