नई दिल्ली | 4 सितंबर 2026
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में निहित निःस्वार्थ कर्म की प्रेरणा को याद किया और सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति आने की कामना की। 🙏
पीएम मोदी ने एक्स पर शुभकामना संदेश के साथ भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति में संस्कृत का एक सुभाषित भी साझा किया।
🙏 PM मोदी ने देशवासियों को दी जन्माष्टमी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन्माष्टमी पर अपने संदेश में सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के संदेशों को मानवता के लिए निरंतर मार्गदर्शन देने वाला बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण के दिव्य संदेशों में निःस्वार्थ कर्म की अद्भुत प्रेरणा निहित है।
उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उपासना को समर्पित यह पावन अवसर हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे।
📜 श्रीकृष्ण की स्तुति में साझा किया सुभाषित
प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित यह संस्कृत सुभाषित भी साझा किया—
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्।
देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥
इसका भावार्थ साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण को वसुदेव का पुत्र और कंस तथा चाणूर का संहार करने वाला बताया।
उन्होंने श्रीकृष्ण को माता देवकी को परम आनंद देने वाला, दिव्यता का साक्षात स्वरूप और जगद्गुरु बताते हुए उन्हें प्रणाम किया।
🪶 श्रीकृष्ण के संदेश में निःस्वार्थ कर्म का उल्लेख
जन्माष्टमी पर प्रधानमंत्री के संदेश में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य विचारों और निःस्वार्थ कर्म की प्रेरणा को प्रमुखता दी गई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण के दिव्य संदेश मानवता का लगातार मार्गदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने जन्माष्टमी के इस अवसर को श्रद्धा, सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति से जोड़ते हुए सभी के लिए मंगलकामना की।









