हरिद्वार में विकास की नई गंगा बही: 235 करोड़ की चार बड़ी परियोजनाओं से बदलेगी धर्मनगरी की तस्वीर, महाकुंभ-2027 की तैयारियों को मिली रफ्तार 🕉️

हरिद्वार | 21 जुलाई 2026

आस्था की नगरी हरिद्वार अब केवल धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक शहर के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाएगी। इसी दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत करीब 235 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य आगामी महाकुंभ-2027 को अब तक का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन बनाना है।

यूआईआईडीबी (उत्तराखंड निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास बोर्ड) के माध्यम से संचालित इन परियोजनाओं से न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और स्थानीय रोजगार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

चार बड़ी परियोजनाओं की हुई शुरुआत

अलकनंदा होटल, हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट पुनर्विकास, 66.34 करोड़ रुपये की हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना तथा 58.84 करोड़ रुपये की रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास परियोजना का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनाने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।

महाकुंभ-2027 की तैयारियां युद्धस्तर पर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और आगामी महाकुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का सबसे बड़ा आयोजन होगा। सरकार का लक्ष्य इसे इतिहास का सबसे व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य महाकुंभ बनाना है।

उन्होंने बताया कि महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था का आधुनिकीकरण तथा विभिन्न संपर्क मार्गों को मजबूत करने का कार्य तेजी से चल रहा है। बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर और शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नया पुल तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के उन्नयन जैसी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।

धार्मिक नगरी के साथ आधुनिक शहर का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हरिद्वार को केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में भी अग्रणी शहर बनाने के लिए काम कर रही है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण अंतिम चरण में है। लालढांग में मॉडल डिग्री कॉलेज, श्यामपुर में स्वास्थ्य केंद्र, हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी और हर की पैड़ी से मां चंडी देवी एवं मां मनसा देवी तक रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।

इसके अलावा लालढांग क्षेत्र में पुल एवं झूला पुल, शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, पार्क और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।

कांवड़ यात्रा के लिए स्थायी सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान केवल अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती थीं, लेकिन अब सरकार स्थायी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर काम कर रही है ताकि हर वर्ष आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

विकास के साथ सुशासन पर भी जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए भी प्रतिबद्ध है। समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस जैसी पहलें इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि से 12 हजार एकड़ से अधिक अतिक्रमण हटाया गया है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

कैबिनेट मंत्रियों ने भी बताया ऐतिहासिक कदम

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार में विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं के विकास से श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सभी परियोजनाओं को महाकुंभ-2027 से पहले पूरा करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।


चारों परियोजनाओं की खास बातें

🔹 हर की पैड़ी–सुभाष घाट पुनर्विकास
धनुष घाट का विस्तार, धनुष पुल, आस्था पथ और बोर्डवॉक पुल का निर्माण, भीड़ प्रबंधन एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। पैदल मार्गों का भी सौंदर्यीकरण होगा।

🔹 हर की पैड़ी उत्तर क्षेत्र विकास
पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन और आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित कर महाकुंभ और कांवड़ यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाया जाएगा।

🔹 रोड़ी बेलवाला पुनर्विकास
जल निकासी व्यवस्था, आधुनिक लाइटिंग, सर्विलांस सिस्टम, पैदल मार्ग और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार कर क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।

🔹 प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास
मार्ग का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और आधुनिक यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।