📍 उत्तरकाशी | अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया)
देवभूमि उत्तराखंड में आज से आस्था का सबसे बड़ा पर्व शुरू हो गया। पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही चारधाम यात्रा 2026 का आधिकारिक शुभारंभ हो गया। 🙏
इस ऐतिहासिक क्षण में दोनों धामों में पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई—देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना के साथ।
🌼 परंपरा, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम
रविवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला।
👉 मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से भैरव मंदिर के दर्शन कर गंगोत्री धाम पहुंची
👉 ठीक 12:15 बजे कपाट खुले और “हर-हर गंगे” के जयकारों से घाट गूंज उठा
👉 वहीं मां यमुना की डोली खरसाली से शनिदेव महाराज की अगुवाई में यमुनोत्री धाम पहुंची
👉 12:35 बजे श्रद्धालुओं के लिए यमुनोत्री के कपाट खोले गए
हर चेहरे पर आस्था, हर आंख में भक्ति—यह दृश्य अपने आप में अविस्मरणीय रहा।
🙏 मुख्यमंत्री धामी ने की विशेष पूजा-अर्चना
कपाटोद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के चरणों में शीश नवाया और विशेष पूजा-अर्चना की।
उन्होंने संकल्प लेते हुए चारधाम यात्रा की सफलता, देश-प्रदेश की खुशहाली और हर श्रद्धालु की सुरक्षित यात्रा की कामना की।
🛣️ “सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा हमारी प्राथमिकता”
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।
👉 इस बार सरकार ने सुरक्षा, सुगमता और सुव्यवस्था को प्राथमिकता दी है
👉 यात्रा मार्गों पर बेहतर यातायात प्रबंधन
👉 श्रद्धालुओं के लिए हर जरूरी सुविधा सुनिश्चित
उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर यात्री को इस बार एक सुरक्षित, सहज और यादगार अनुभव मिलेगा।
🌿 “ग्रीन और क्लीन यात्रा” का संदेश
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे इस पवित्र यात्रा में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखें।
👉 “देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है”
👉 प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ यात्रा में सहयोग की अपील
📌 निष्कर्ष
गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही देवभूमि में भक्ति, परंपरा और विश्वास की गूंज फिर से सुनाई देने लगी है। अब निगाहें केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट खुलने पर टिकी हैं। चारधाम यात्रा 2026 एक बार फिर करोड़ों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने के लिए तैयार है। 🌄










