🚩 ‘नारी शक्ति वंदन’: CM का विपक्ष पर सीधा हमला, कहा—“महिलाओं के हक में रुकावट बर्दाश्त नहीं”

📍 देहरादून | 20 अप्रैल 2026

देवभूमि की राजधानी देहरादून में आज सियासत का पारा उस वक्त चढ़ गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा—“महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को देश की मातृशक्ति करारा जवाब देगी।”


🎯 “ये सिर्फ कानून नहीं, महिलाओं के सम्मान का सवाल”

सीएम धामी ने इस अधिनियम को एक साधारण विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार और भागीदारी से जुड़ा ऐतिहासिक मौका बताया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह कदम महिलाओं को निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा में लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता था।


⚔️ विपक्ष पर निशाना: “राजनीतिक स्वार्थ में रोकी गई पहल”

मुख्यमंत्री ने बिना नाम घुमाए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, TMC और DMK पर सीधा आरोप लगाया कि इन दलों ने राजनीतिक लाभ के लिए इस पहल को कमजोर किया।

👉 “जब भी महिलाओं को सशक्त करने का प्रयास होता है, विपक्ष बहाने खोजता है”
👉 “यह विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं की प्रगति में बाधा है”

उन्होंने कहा कि यह रवैया महिलाओं के प्रति विपक्ष की असली सोच को उजागर करता है।


🧾 परिसीमन पर ‘भ्रम’ का मुद्दा भी उठाया

सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया।

इस मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि
👉 परिसीमन से किसी राज्य के प्रतिनिधित्व पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा
👉 बल्कि यह प्रक्रिया संतुलित और न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगी


👩‍🦰 “आज की महिला हर क्षेत्र में आगे, अब नीति भी तय करेगी”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की महिला सिर्फ घर तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, शिक्षा और उद्यमिता में अपनी पहचान बना रही है।

👉 “महिलाएं अब दर्शक नहीं, बल्कि नीति निर्धारक बनने को तैयार हैं”
👉 “उन्हें निर्णय प्रक्रिया से दूर रखना लोकतंत्र के खिलाफ है”


🔥 “मातृशक्ति देगी जवाब”

सीएम धामी ने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और आने वाले समय में वे उन दलों को जवाब देंगी जो उनके अधिकारों में बाधा बन रहे हैं।


🤝 सरकार का फोकस: सशक्त और आत्मनिर्भर महिला

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही हैं।

👉 आर्थिक मजबूती
👉 सामाजिक भागीदारी
👉 आत्मनिर्भरता

नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।


📌 निष्कर्ष

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर राजनीतिक बहस भले तेज हो, लेकिन एक बात साफ है—देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अब एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी और सामाजिक दोनों स्तरों पर अहम भूमिका निभा सकता है। 🎯