खटीमा में CM धामी का बड़ा ऐलान, उत्तराखंड में बनाए जाएंगे 20 नए छठ घाट; देहरादून और चंपावत भी शामिल

खटीमा | 2 नवंबर 2026

उत्तराखंड में छठ पूजा की तैयारियों और धार्मिक-सांस्कृतिक सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा ऐलान किया है। खटीमा में आयोजित 14वें दीपावली मेले के दौरान उन्होंने ऊधम सिंह नगर जिले के विभिन्न शहरों सहित देहरादून और चंपावत में नए छठ घाट बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

🪔 14वें दीपावली मेले में शामिल हुए मुख्यमंत्री

सोमवार को भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित 14वें दीपावली मेले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विकास परिषद जैसे संगठन सेवा और संस्कार के माध्यम से समाज को जोड़ने तथा लोगों को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

📢 इन क्षेत्रों में बनेंगे नए छठ घाट

मुख्यमंत्री ने ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज, खटीमा और किच्छा में कुल 20 छठ घाट बनाने की घोषणा की।

इसके साथ ही देहरादून और चंपावत में भी छठ पूजा के लिए घाट विकसित किए जाएंगे। इनमें प्रमुख स्थान हैं:

  • प्रेमनगर, देहरादून: टोंस नदी के दाहिने तट पर।
  • बाढ़वाला, विकासनगर: यमुना नदी के तट पर।
  • बनबसा, चंपावत: छठ पूजा घाट का निर्माण।

इन घोषणाओं के तहत छठ पूजा के आयोजन के लिए नए घाट उपलब्ध कराने की योजना है।

🛕 केदारखंड और मानसखंड के धार्मिक स्थलों पर भी काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने आपदा से क्षतिग्रस्त केदारनाथ धाम के पुनर्विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस दिशा में तेजी से कार्य हुआ है।

उन्होंने बताया कि केदारखंड में चारधाम से जुड़े विकास कार्यों की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों और धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण तथा वहां जरूरी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

🌊 गंगा और शारदा कॉरिडोर का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री के अनुसार, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर और मां शारदा के तट पर शारदा कॉरिडोर का काम लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडी’ की स्थापना की गई है।