अयोध्या का दीपोत्सव सामाजिक एकता की मिसाल: CM योगी बोले- दीप अलग-अलग हाथों में, लेकिन रोशनी पूरे समाज को जोड़ती है

लखनऊ | 3 नवंबर 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के आगामी दीपोत्सव को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि साझा आस्था और संस्कृति समाज को जोड़ने का काम करती हैं। इस आयोजन में अलग-अलग वर्गों के लोगों की भागीदारी इसी भावना को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने यह बात मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में कही।

🪔 जाति नहीं, सहभागिता से बनती है पहचान

सीएम योगी ने कहा कि जातिगत विभाजन समाज को बांटता है, जबकि साझा आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं लोगों को एक सूत्र में पिरोती हैं। उनके मुताबिक, अयोध्या का दीपोत्सव इस सामाजिक एकता का उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में की गई थी। इसका उद्देश्य रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने वाले उत्सव का रूप देना भी रहा है।

🙏 हर वर्ग की भागीदारी को बताया खास

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दीपोत्सव में धर्माचार्य, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उत्साह और श्रद्धा के साथ हिस्सा लेते हैं।

उन्होंने कहा कि दीप भले ही अलग-अलग हाथों से जलाए जाते हैं, लेकिन उनकी रोशनी पूरे समाज को जोड़ती है। यही दीपोत्सव का संदेश और समरस समाज की परिकल्पना है।

📅 7 नवंबर को होगा अयोध्या का दीपोत्सव

अयोध्या में इस साल 10वां दीपोत्सव 7 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तैयारियों की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचने वाले हैं। राम की पैड़ी और सरयू तट सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।