भारत की स्वच्छ ऊर्जा में बड़ी छलांग, 10-11 साल में 500 GW अतिरिक्त क्षमता जोड़ने का लक्ष्य: PM मोदी

नई दिल्ली | 2 नवंबर 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का भविष्य स्वच्छ ऊर्जा में है और भारत आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी क्षमता को और तेजी से बढ़ाएगा।

प्रधानमंत्री ने अगले 10 से 11 वर्षों में 500 गीगावाट अतिरिक्त गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने स्टार्टअप्स, IIT और उद्यमियों से ऐसे नए सौर ऊर्जा मॉडल विकसित करने की अपील की, जिनसे घरों की अधिकतम बिजली जरूरतें पूरी हो सकें।

🌞 सौर ऊर्जा में भारत की बढ़ती ताकत

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने 2025 में ही अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित समय से पांच साल पहले पूरा कर लिया। उनके अनुसार, देश की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता अब 300 गीगावाट के करीब पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा में पिछले एक दशक के निवेश ने वैश्विक संकटों के बीच भारत की आर्थिक मजबूती बनाए रखने में मदद की है।

🏠 65 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंची पीएम सूर्य घर योजना

प्रधानमंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना से 24 से 25 महीनों के भीतर 65 लाख से अधिक परिवार जुड़ चुके हैं।

योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाना है। प्रधानमंत्री के अनुसार, एक अध्ययन में बिजली बिलों में करीब 76 प्रतिशत तक कमी सामने आई है। कई परिवार अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर कमाई भी कर रहे हैं।

🚜 किसानों और सरकारी भवनों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ने पर जोर

प्रधानमंत्री ने बताया कि 44 हजार से अधिक सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने से हर साल करीब 700 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। वहीं, पीएम-कुसुम योजना के तहत 30 लाख से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई की सुविधा मिली है।

उन्होंने किसानों से खेतों की खाली जमीन और मेड़ों पर सौर पैनल लगाने की संभावनाओं पर भी काम करने का आग्रह किया।

🔋 हरित हाइड्रोजन और नई तकनीक पर फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस दशक के अंत तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन और परिवहन क्षेत्र में इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

उन्होंने बैटरी स्टोरेज, स्वदेशी ऊर्जा भंडारण उपकरणों और चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराने वाले सौर मॉडल विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

💰 स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के बड़े अवसर

प्रधानमंत्री के मुताबिक, पिछले एक दशक में भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। इसमें 2024 के री-इन्वेस्ट शिखर सम्मेलन के बाद के दो वर्षों में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शामिल है।

उन्होंने बताया कि इस दशक के अंत तक स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश अवसर बनने का अनुमान है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।