खटीमा | 2 नवंबर 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के नगला तराई में आधुनिक सुविधाओं से तैयार मॉडल प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, आधुनिक कक्षों और STEM लैब जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बच्चों के बीच पहुंचे, उनसे बातचीत की, चॉकलेट और उपहार बांटे तथा उन्हें झूले पर झुलाया। 🎒
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा के आधुनिकीकरण के साथ क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
🏫 मॉडल स्कूल में स्मार्ट क्लास और STEM लैब की सुविधा
मुख्यमंत्री ने मॉडल प्राथमिक विद्यालय नगला तराई के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण कार्यों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में 65.07 लाख रुपये की लागत से तैयार मंच और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का भी लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आईजीएल और सरकारी विभागों के सहयोग से आधुनिक मॉडल स्कूल तैयार किया गया है। वर्तमान में यहां करीब 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और विद्यालय में पांच आधुनिक कक्ष विकसित किए गए हैं।
स्कूल में विशेष रूप से STEM लैब बनाई गई है। इसके माध्यम से बच्चे खेल-खेल में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित से जुड़ी जानकारियां हासिल कर सकेंगे।
😊 बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, चॉकलेट और उपहार बांटे
लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री का बच्चों के साथ आत्मीय अंदाज देखने को मिला। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और गतिविधियों के बारे में जाना।
मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट और उपहार दिए। विद्यालय परिसर में बच्चों के शारीरिक विकास के लिए लगाए गए झूलों पर उन्हें स्वयं झूला भी झुलाया। इसके बाद उन्होंने स्मार्ट क्लास और प्रयोगशाला का निरीक्षण किया।
🌱 सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सीमांत गांवों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को देश का पहला गांव बताया है।
उन्होंने कहा कि नगला तराई और आसपास के क्षेत्र में बागवानी, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के स्टार्टअप, रोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विकास की काफी संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने मधुमक्खी पालन को भी स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया और इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
📚 32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसके तहत राज्य के 32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।
इसके अलावा कक्षा 1 से 12 तक पढ़ने वाले 1,45,000 छात्र-छात्राओं को नोटबुक उपलब्ध कराने के लिए करीब 8 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में आने वाली मुश्किलों को कम करना है।
💻 264 स्कूलों में स्मार्ट क्लास और 87 में वर्चुअल क्लास
धामी ने बताया कि विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए भी काम चल रहा है। राज्य के 87 माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास और 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इसके साथ ही 16 माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने का काम प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालयों के छात्रों को भी टैबलेट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
📖 थारू इंटर कॉलेज में 3.24 करोड़ की डिजिटल लाइब्रेरी तैयार
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम श्री थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 3 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से डिजिटल लाइब्रेरी और विद्यालय के सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो चुका है।
वहीं, रुद्रपुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिला पुस्तकालय बनाया जा रहा है। खटीमा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में पांच करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए भवन का निर्माण भी तेजी से जारी है।
🎯 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री ने निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि 152 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 8 से 10 तक पढ़ने वाले 16,000 से अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है।
इसके अलावा कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों के कारण किसी भी विद्यार्थी का सपना अधूरा नहीं रहना चाहिए।
👨🏫 शिक्षकों से बच्चों की प्रतिभा पहचानने की अपील
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जीवन में कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास में अपनी पहचान बनाने वाले कई लोग साधारण और अभावों से भरे माहौल से निकलकर आगे बढ़े हैं।
उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे प्रत्येक बच्चे की रुचि और क्षमता को समझें तथा उसी के अनुरूप उसे मार्गदर्शन दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्पित शिक्षक किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला पंचायत सदस्य सूरज धामी, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा और दिनेश राणा मौजूद रहे।
इसके अलावा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, इंडिया ग्लाइकोल्स के निदेशक आलोक सिंघल और राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।










