उत्तराखण्ड की 15 विभूतियों को मिला गौरव सम्मान-2026, अमित शाह और CM धामी ने किया सम्मानित

देहरादून | 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)

उत्तराखण्ड राज्योत्सव के मंच पर शुक्रवार को प्रदेश की 15 ऐसी विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर राज्य का गौरव बढ़ाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित समारोह में सभी सम्मानित व्यक्तियों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार-2026 प्रदान किया।

इस सम्मान सूची में राजनीति, चिकित्सा, उद्यमिता, फिल्म, लोक संस्कृति, शिक्षा, पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और खेल जगत से जुड़ी हस्तियां शामिल रहीं। स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया।

🏆 अलग-अलग क्षेत्रों की 15 विभूतियों को मिला सम्मान

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2026 के लिए विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाने वाली हस्तियों का चयन किया गया। सम्मानित होने वालों में शामिल हैं:

राजनीति एवं शासकीय क्षेत्र

  • स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (मरणोपरांत)

चिकित्सा एवं उद्यमिता

  • डॉ. जीवन सिंह तितियाल – चिकित्सा क्षेत्र
  • मनमोहन भारद्वाज – उद्यमिता क्षेत्र

फिल्म, लोक संस्कृति, शिक्षा एवं पत्रकारिता

  • हिमानी शिवपुरी – फिल्म जगत
  • हेमा नेगी करासी – लोक जागर गायन
  • डॉ. गिरीश रंजन तिवारी – शिक्षा एवं पत्रकारिता

सामाजिक सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण

  • अनीता थपलियाल शर्मा – सामाजिक क्षेत्र
  • कश्मीर सिंह – सामाजिक क्षेत्र
  • सुरेश भाई – पर्यावरण संरक्षण

लोक गायन

  • रेशमा शाह – लोक गायन

🏏 खेल जगत की पांच प्रतिभाओं को भी मिला सम्मान

खेल के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर उत्तराखण्ड का नाम रोशन करने वाले पांच खिलाड़ियों को भी इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।

इनमें शामिल हैं:

  • एकता बिष्ट
  • वंदना कटारिया
  • अंकिता ध्यानी
  • निकिता चंद
  • कपिल पोखरिया

इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों को राज्योत्सव के मंच पर विशेष पहचान दी गई।

नई पीढ़ी को प्रेरित करने की पहल है उत्तराखण्ड गौरव सम्मान

उत्तराखण्ड गौरव सम्मान पुरस्कार का उद्देश्य प्रदेश की उन प्रतिभाओं और व्यक्तित्वों के योगदान को पहचान देना है, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह सम्मान केवल उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सार्वजनिक पहचान देने की पहल भी है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भी प्रदेश की प्रगति, सामाजिक सेवा और अपने क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाता है।

राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित उत्तराखण्ड राज्योत्सव में 15 विभूतियों का सम्मान प्रदेश की विविध प्रतिभाओं और उपलब्धियों को सामने लाने का महत्वपूर्ण अवसर बना।