विकसित भारत का पहला पड़ाव होगा उत्तराखंड, अमित शाह ने बताया राज्य के विकास का रोडमैप; 1475 करोड़ की 62 परियोजनाओं की सौगात

देहरादून | 6 नवंबर 2026

उत्तराखंड के विकास को नई गति देने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश की भूमिका अहम होने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव कार्यक्रम में कहा कि विकसित भारत की यात्रा का पहला पड़ाव उत्तराखंड होगा। इस दौरान उन्होंने राज्य को 1475 करोड़ रुपये की 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में अमित शाह ने उत्तराखंड की विकास उपलब्धियों, निवेश, रोजगार, सीमांत क्षेत्रों की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया। कार्यक्रम में विभिन्न हस्तियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान, उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

🇮🇳 2047 के विकसित भारत में उत्तराखंड की होगी अहम भूमिका

अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ करते हुए अमित शाह ने उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि गुजरात में यह मान्यता है कि चारधाम यात्रा के दर्शन के बिना मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती। बदरीविशाल, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हेमकुंड साहिब और हरिद्वार की पवित्र भूमि पर आने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड राज्य का निर्माण कर राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार किया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज प्रदेश को विकसित बनाने की दिशा में काम हो रहा है।

उन्होंने उत्तराखंड राज्योत्सव को तीन संकल्पों से जोड़ते हुए कहा कि राज्य निर्माण का गौरव, विकास कार्यों की सिद्धि और संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संकल्प प्रदेश की आगे की यात्रा का आधार है।

📈 उत्तराखंड की जीएसडीपी में 50% की वृद्धि का दावा

केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 की तुलना में उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

उन्होंने वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए बताया कि उस दौरान राज्य में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।

अमित शाह के अनुसार, औद्योगिक विकास से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ने कम समय में निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

⚖️ UCC और नकल विरोधी कानून का किया जिक्र

अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) को देश के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू किया है।

उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड के इस कदम के बाद देश के 15 राज्य भी अपने यहां UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

प्रदेश में लागू नकल विरोधी कानून की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस कानून से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिना सिफारिश और अतिरिक्त खर्च के 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। इसके साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून को भी राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।

🚆 एक्सप्रेसवे से लेकर रोपवे तक, विकास परियोजनाओं का किया उल्लेख

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड में चल रही बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन और टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन का उल्लेख किया।

इसके अलावा केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं के साथ सौंग, जमरानी और किसाऊ बांध परियोजनाओं को भी राज्य के विकास से जुड़ी अहम योजनाओं में शामिल बताया।

👩 महिलाओं और राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण का किया उल्लेख

अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना की।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। वहीं राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लखपति दीदियों की संख्या तीन लाख से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों होम स्टे संचालित हो रहे हैं।

🪖 सैनिक परिवारों और सीमांत गांवों पर भी सरकार का फोकस

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है।

उन्होंने किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर के निर्माण और सीमांत क्षेत्रों के 51 गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित किए जाने का भी उल्लेख किया।

सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सीमांत इलाकों तक सड़क संपर्क को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने चीन के डर से उत्तराखंड का विकास प्रभावित होने दिया, जबकि वर्तमान केंद्र सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है।

🏔️ उत्तराखंड के वीरों के योगदान को किया याद

अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा और वीरता का भी जिक्र किया।

उन्होंने नई पीढ़ी से तीलू रौतेली, वीर माधो सिंह भंडारी, विक्टोरिया क्रॉस विजेता दरबान सिंह नेगी और गबर सिंह नेगी, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली तथा जनरल बिपिन रावत के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शौर्य उत्तराखंड की पहचान और यहां के लोगों की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों की सराहना

अमित शाह ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्रियों के योगदान का उल्लेख करते हुए स्वर्गीय बी.सी. खंडूड़ी और भगत सिंह कोश्यारी को विकास की नींव रखने का श्रेय दिया।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अपने कार्यकाल में विकास का रोडमैप तैयार किया, जिसे त्रिवेंद्र सिंह रावत और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगे बढ़ाया।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम में 1475 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली हस्तियों और बच्चों को सम्मानित किया गया। राज्योत्सव का यह आयोजन उत्तराखंड के विकास, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को सामने रखने का अवसर बना।