उत्तराखण्ड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस निशान, अमित शाह ने किया सम्मानित; ऐसा गौरव पाने वाला देश का 16वां राज्य बना उत्तराखंड

देहरादून | 6 नवंबर 2026

देवभूमि उत्तराखंड की पुलिस के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देहरादून की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित भव्य समारोह में उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान (President’s Police Colour) से अलंकृत किया। इसके साथ ही उत्तराखंड यह सम्मान प्राप्त करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया है।

राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में पुलिस बल की सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह बड़ी पहचान है। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस परेड का निरीक्षण किया गया और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।

🏅 उत्तराखण्ड पुलिस के गौरवशाली सफर को मिली राष्ट्रीय पहचान

रिजर्व पुलिस लाइन, देहरादून में आयोजित अलंकरण समारोह में अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस की परेड का निरीक्षण करने के बाद पुलिस बल को राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किया।

गृह मंत्री ने इस उपलब्धि पर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का क्षण है। पुलिस बल ने अपनी सेवा भावना, अनुशासन और समर्पण के दम पर विशिष्ट पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। चारधाम यात्रा और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सुरक्षा, यातायात और व्यवस्थाओं को संभालने की जिम्मेदारी उत्तराखण्ड पुलिस निभाती है।

👮 पांच पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला पदक

समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पांच पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।

विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक:

  • सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल
  • मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव

सराहनीय सेवा के लिए पदक:

  • पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र
  • सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट
  • सेवानिवृत्त उप निरीक्षक, अभिसूचना सौहकार पुण्डीर

इस अवसर पर अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस के विशेष डाक आवरण और पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया।

⚖️ नए आपराधिक कानूनों से समयबद्ध न्याय पर जोर

अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल व्यवस्था का इस्तेमाल बढ़ने से आपराधिक मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी।

गृह मंत्री ने कहा कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, न्यायालय, अभियोजन और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उनके अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य आम नागरिकों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है।

🇮🇳 कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए 206 पुलिसकर्मियों को किया याद

गृह मंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के उन 206 जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय लगभग 13 हजार जवानों से शुरू हुआ पुलिस बल आज 26 हजार से अधिक कर्मियों तक पहुंच चुका है।

अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक आपदाओं और पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच पुलिसकर्मी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

🚔 नशे और साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई की सराहना

अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस की नशे के खिलाफ कार्रवाई और साइबर अपराधों की रोकथाम के प्रयासों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नशामुक्त भारत के संकल्प के साथ काम कर रही है। उत्तराखंड को भी नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस को आने वाले समय में और प्रभावी प्रयास करने होंगे।

उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के प्रयासों का भी जिक्र किया। वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से सीमांत गांवों के विकास और पलायन रोकने की दिशा में किए जा रहे कार्यों में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

🥇 विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में 37 पदक जीतने पर बधाई

अमित शाह ने विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखण्ड पुलिस के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी प्रशंसा की।

उन्होंने बताया कि पुलिस खिलाड़ियों ने इन प्रतियोगिताओं में कुल 37 पदक हासिल किए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलने से पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और जवान भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।

मुख्यमंत्री धामी बोले- यह सम्मान पुलिस के साहस और समर्पण की पहचान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलने पर उत्तराखण्ड पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस बल की 25 वर्षों की सेवा, साहस, अनुशासन और जनसेवा को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। यह उपलब्धि केवल पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड में लगभग 13 हजार पुलिसकर्मी, 96 थाने और 42 चौकियां थीं। आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा में तैनात हैं।

उन्होंने देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक स्वर्गीय कंचन चौधरी भट्टाचार्य के उत्तराखण्ड पुलिस का नेतृत्व करने को भी प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत हो चुकी है।

🚨 चार साल में 307 करोड़ रुपये से अधिक के मादक पदार्थ जब्त

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में पुलिस ने नशे से जुड़े मामलों में 7 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इस दौरान 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

उन्होंने ऑपरेशन स्माइल के तहत गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाने और ऑपरेशन मुक्ति के माध्यम से भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों का भी जिक्र किया।

💻 साइबर अपराध की रोकथाम के लिए आधुनिक व्यवस्था पर काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साइबर अपराधों की रोकथाम और मामलों की प्रभावी जांच के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में काम किया जा रहा है।

इसके अलावा नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त संसाधनों के जरिए उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यक्षमता को और मजबूत बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति पुलिस निशान से बढ़ी जिम्मेदारी भी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि यह जनसेवा के प्रति जिम्मेदारियों को और बढ़ाने वाला गौरवपूर्ण प्रतीक है।

उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखण्ड पुलिस आगे भी अपने साहस, अनुशासन, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ प्रदेशवासियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।