लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 4,543 अभ्यर्थियों के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 नवंबर को लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित कार्यक्रम में नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को योग्यता और मेहनत के आधार पर सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया जारी है।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर दिया जोर
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले के समय में भर्ती व्यवस्था में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती थीं। कई बार आवेदन कोई करता था, परीक्षा कोई दूसरा देता था और नौकरी किसी अन्य व्यक्ति को मिल जाती थी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने ऐसी व्यवस्था को समाप्त कर निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को बिना सिफारिश और पक्षपात के उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिलना चाहिए।
पुलिस विभाग को मिलेगी नई मजबूती
4,543 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिलने से उत्तर प्रदेश पुलिस बल को नए कार्मिक मिलेंगे। पुलिस सेवा में शामिल होने जा रहे इन युवाओं के सामने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे पूरी ईमानदारी, अनुशासन और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर सरकार का जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सरकारी नियुक्तियों को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
नियुक्ति पत्र मिलने के साथ ही चयनित अभ्यर्थियों के लिए पुलिस सेवा में करियर की नई शुरुआत का रास्ता खुल गया है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे इन युवाओं और उनके परिवारों के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है।









