नई दिल्ली | 7 नवंबर 2026
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 6 नवंबर को सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए उन्होंने लाल गेंद के क्रिकेट को अलविदा कह दिया। शमी ने 13 साल के टेस्ट करियर में 64 मुकाबले खेले और 229 विकेट अपने नाम किए। हालांकि, क्रिकेट के छोटे प्रारूपों में उनका सफर जारी रहेगा।
डेब्यू की तारीख पर ही लिया संन्यास का फैसला
मोहम्मद शमी के संन्यास की घोषणा की सबसे खास बात इसकी तारीख रही। उन्होंने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। ठीक 13 साल बाद, 6 नवंबर 2026 को उन्होंने इसी प्रारूप से विदाई लेने का ऐलान कर दिया।
शमी ने अपने संदेश में टेस्ट क्रिकेट को जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इस सफर में मिले अनुभव, विकेट, संघर्ष, चोट और वापसी की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।
64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट का रिकॉर्ड
शमी ने भारतीय टेस्ट टीम के लिए 64 मुकाबलों में 229 विकेट हासिल किए। उनका गेंदबाजी औसत 27.71 रहा। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया।
अपनी तेज रफ्तार, सीम मूवमेंट और रिवर्स स्विंग के लिए पहचाने जाने वाले शमी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में अहम भूमिका निभाई। विदेशी परिस्थितियों में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन किए।
2023 में खेला था आखिरी टेस्ट
मोहम्मद शमी ने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में खेला था। इसके बाद चोटों और फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों के कारण उनका टेस्ट करियर आगे नहीं बढ़ सका।
हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बंगाल की ओर से खेलना जारी रखा और सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी सक्रिय रहे।
ODI और T20 क्रिकेट खेलते रहेंगे शमी
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का मतलब यह नहीं है कि शमी ने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह वनडे और टी20 जैसे सीमित ओवरों के प्रारूपों में खेलना जारी रखेंगे। इनमें आईपीएल और घरेलू क्रिकेट भी शामिल हैं।
शमी ने अपने सफर में साथ देने वाले साथी खिलाड़ियों, कोच, परिवार, BCCI, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल और प्रशंसकों का आभार जताया।
भारतीय क्रिकेट को याद रहेगा शमी का योगदान
13 साल तक टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मोहम्मद शमी का सफर संघर्ष, चोटों और शानदार वापसी की कहानियों से भरा रहा। 229 विकेट के साथ वह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के सफल तेज गेंदबाजों में अपनी जगह बना चुके हैं।
अब टेस्ट क्रिकेट में शमी की गेंदबाजी देखने को नहीं मिलेगी, लेकिन सफेद जर्सी में उनके प्रदर्शन और यादगार स्पेल भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के जेहन में लंबे समय तक रहेंगे।









