देहरादून | 08 सितंबर 2026
🏠 देहरादून जिले में जर्जर और संभावित रूप से असुरक्षित भवनों की पहचान को लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि किसी भवन को जर्जर या गिरासू घोषित करने से पहले उसके तकनीकी और संरचनात्मक पहलुओं की पूरी जांच जरूरी है।
डीएम ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन करने और जनसुरक्षा के लिए जरूरत के मुताबिक समय रहते कदम उठाने को कहा।
🔎 पहले तकनीकी परीक्षण, फिर जर्जर घोषित करने की कार्रवाई
जिलाधिकारी ने मंगलवार देर शाम जर्जर एवं संभावित रूप से असुरक्षित भवनों के चिन्हीकरण को लेकर वर्चुअल बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवनों की स्थिति का आकलन तकनीकी मानकों और गंभीरता के साथ किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन को जर्जर अथवा गिरासू घोषित करने से पहले उसके सभी तकनीकी एवं संरचनात्मक पहलुओं का गहन परीक्षण होना चाहिए। इसका उद्देश्य भवन की वास्तविक स्थिति का सही आकलन करना और जनसुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कार्रवाई समय पर करना है।
🏙️ एसडीएम और नगर निकाय कराएंगे भवनों का सर्वे
डीएम ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम और नगर पालिका परिषदों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का प्राथमिकता के आधार पर चिन्हीकरण कराने के निर्देश दिए।
ऐसे भवनों की सूची तैयार करते समय उनकी मौजूदा स्थिति, संरचनात्मक सुरक्षा और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा समेत आवश्यक पहलुओं की जांच करने को कहा गया है।
👷 विशेषज्ञ तकनीकी टीमें करेंगी निरीक्षण
जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पालिका परिषदों, लोक निर्माण विभाग और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के अधिकारियों को जर्जर भवनों के निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण के लिए विशेषज्ञ तकनीकी टीमें गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विभागों के बीच समन्वय से तकनीकी सर्वेक्षण कराने और भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने पर जोर दिया।
⚖️ भवन गिरासू घोषित करने में तकनीकी और कानूनी पहलू भी जरूरी
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भवन को गिरासू घोषित करने की कार्रवाई करते समय तकनीकी और विधिक दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। संभावित दुर्घटना या जनहानि को रोकने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जाएं।
⚠️ अत्यधिक जर्जर भवनों पर विशेष नजर
डीएम ने चिन्हीकरण की प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई को प्रभावी तरीके से पूरा करने को कहा।
संवेदनशील और अत्यधिक जर्जर भवनों के मामले में विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
👥 वर्चुअल बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, नगर आयुक्त ऋषिकेश विजयनाथ शुक्ला, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविंद्र ज्वान्ठा, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा ढोंडियाल, उप जिलाधिकारी चकराता प्रेमलाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।










