Global Fintech Fest 2026: मुंबई में PM मोदी ने फिनटेक सेक्टर को दिया नया रोडमैप, UPI से लेकर AI तक पर फोकस

मुंबई | 08 सितंबर 2026

💳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की फिनटेक यात्रा, UPI के विस्तार, वित्तीय समावेशन और भविष्य की तकनीकों पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने फिनटेक क्षेत्र से साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा, विनियामक नवाचार और उपभोक्ता संरक्षण को प्राथमिकता देने के साथ अगली पीढ़ी के इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

🇮🇳 भारत की आर्थिक मजबूती का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्तर पर संघर्ष, व्यापारिक तनाव और ऊर्जा व उपयोगी वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के बीच भारत की आर्थिक स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अप्रैल से जून की चुनौतीपूर्ण तिमाही में देश ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की।

उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति को वैश्विक समुदाय के लिए भरोसा बढ़ाने वाला बताया।

📈 जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के फैसले का जिक्र

नरेंद्र मोदी ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में हुए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जापान की एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने तीन दशकों के बाद भारत की सॉवरेन रेटिंग को ‘A-’ कैटेगरी में अपग्रेड किया है।

प्रधानमंत्री ने इसका श्रेय संरचनात्मक सुधारों और व्यापक आर्थिक स्थिरता को दिया तथा कहा कि सुधारों की गति आगे और तेज होगी।

📲 UPI को बताया भारत की फिनटेक यात्रा का बड़ा आधार

प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत की फिनटेक क्रांति की चर्चा UPI के प्रभाव को शामिल किए बिना पूरी नहीं हो सकती।

उन्होंने UPI की दसवीं वर्षगांठ का भी उल्लेख किया और कहा कि जिन लोगों की पहले बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच नहीं थी, उनमें से लाखों आज डिजिटल अर्थव्यवस्था की गतिविधियों का हिस्सा बन चुके हैं।

💰 अगस्त में UPI से 24 अरब से ज्यादा ट्रांजेक्शन

प्रधानमंत्री ने UPI से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उनके अनुसार, अगस्त में UPI के जरिए 24 बिलियन से अधिक लेनदेन हुए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के शुरुआती दस मिनट में ही करीब 50 लाख लेनदेन प्रोसेस किए गए।

प्रधानमंत्री ने UPI के वैश्विक प्रभाव का उल्लेख करते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के एक कथन का भी संदर्भ दिया।

🌍 11 देशों तक पहुंचा UPI

प्रधानमंत्री ने बताया कि UPI अब 11 देशों में काम कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान के अगले चरण के लिए दूसरे देशों की घरेलू भुगतान प्रणालियों के साथ UPI को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने विशेष रूप से उन देशों के साथ वित्तीय नेटवर्क को जोड़ने की बात कही, जहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं या भारत का बड़े पैमाने पर व्यापार होता है।

✈️ विदेश से भारत पैसा भेजने की लागत घटाने पर जोर

प्रधानमंत्री ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए सीमा-पार डिजिटल भुगतान को उपयोगी बनाने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विदेश से पैसा भेजने वाले भारतीयों के लिए लेनदेन की लागत कम करना महत्वपूर्ण है।

उनके अनुसार, वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान प्रणालियों को जोड़ने से भारत में परिवारों तक पैसा तेजी से पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

💳 भारत के अपने पेमेंट स्टैंडर्ड की वकालत

प्रधानमंत्री ने वित्तीय ढांचे में घरेलू स्तर पर नियम और प्रोटोकॉल विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपने नियम और स्टैंडर्ड तैयार करके उन्हें दुनिया के साथ जोड़ सकता है।

उन्होंने UPI को वित्तीय समावेशन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि यह उन स्थानों और लोगों तक बैंकिंग व्यवस्था पहुंचाने में सफल रहा है, जहां पारंपरिक बैंकिंग मॉडल या बैंक शाखाएं नहीं पहुंच पाई थीं।

🏦 पेमेंट के आगे क्रेडिट, बीमा और निवेश पर फोकस

प्रधानमंत्री ने फिनटेक उद्योग को केवल डिजिटल भुगतान तक सीमित न रहने की दिशा में आगे बढ़ने का सुझाव दिया। उन्होंने क्रेडिट, बीमा, बचत, निवेश और पेंशन जैसे वित्तीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि फिनटेक बाजार में पेमेंट के साथ क्रेडिट ट्रांजेक्शन की हिस्सेदारी भी बढ़नी चाहिए।

🧑‍💼 छोटे कारोबारों के लिए क्रेडिट गैप भरने की जरूरत

प्रधानमंत्री ने छोटे कारोबारों के सामने मौजूद ऋण की कमी का उदाहरण देते हुए कहा कि डिजिटल लेनदेन का रिकॉर्ड किसी छोटे व्यवसाय की सफलता को समझने में मदद कर सकता है। ऐसे कारोबारों को विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत हो सकती है।

उन्होंने फिनटेक क्षेत्र से तकनीक के जरिए सूक्ष्म आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन करने और छोटे व्यवसायों के लिए उपयुक्त वित्तीय मॉडल तैयार करने का आह्वान किया।

🛍️ PM स्वनिधि का उदाहरण देकर वित्तीय समावेशन पर जोर

प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना का उल्लेख करते हुए स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक ऋण व्यवस्था से जोड़ने की बात कही। उनके अनुसार, इस योजना से जुड़े लोगों की औसत वार्षिक आय में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।

उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से वित्तीय सशक्तिकरण से आवास, पोषण, स्वास्थ्य सेवा और बच्चों की शिक्षा तक बेहतर पहुंच बनी तथा सरकार ने इसे 2030 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

🤖 Agentic AI, Tokenisation और Quantum पर नजर

भविष्य की वित्तीय तकनीकों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग को नई संभावनाएं पैदा करने वाली तकनीकों के रूप में सामने रखा।

उन्होंने फिनटेक उद्योग से इन तकनीकी संभावनाओं को वास्तविक सामाजिक और आर्थिक लाभ में बदलने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

🔐 फिनटेक के लिए चार प्राथमिकताओं पर जोर

प्रधानमंत्री ने फिनटेक कंपनियों के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया—

  • उत्कृष्ट साइबर सुरक्षा
  • नैतिक डेटा सुरक्षा मानक
  • मजबूत विनियामक नवाचार इकोसिस्टम
  • पारदर्शी फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक

उन्होंने कहा कि इन कसौटियों पर बेहतर प्रदर्शन भारत के फिनटेक क्षेत्र के लिए वैश्विक अवसरों का रास्ता खोल सकता है।

🚀 ‘डिजिटल इंडिया’ के मूल मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की अपील

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने फिनटेक सेक्टर से अगली पीढ़ी के इनोवेशन पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने बड़े पैमाने पर काम करने, व्यापक पहुंच, सुरक्षित सिस्टम, लोकतंत्रीकरण और जनता के भरोसे को डिजिटल इंडिया की सफलता से जुड़े प्रमुख मूल्यों के रूप में रेखांकित किया।

उन्होंने फिनटेक क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

PM X Post