🎯 ‘वेड इन उत्तराखंड’ – देवभूमि को विश्वस्तरीय वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने में जुटी धामी सरकार

देहरादून, 16 जुलाई। उत्तराखंड सरकार अब देवभूमि को सिर्फ धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे देश-दुनिया के सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान न केवल पर्यटन को नई पहचान देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं, कारीगरों, होमस्टे संचालकों और छोटे कारोबारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। 💍🏔️

बुधवार को मसूरी-देहरादून मार्ग स्थित पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट, किमाड़ी में आयोजित ‘ग्रेस हिन्दुस्थान 2.0 उत्तराखंड’ राष्ट्रीय वेडिंग प्रोफेशनल्स सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने देशभर से पहुंचे वेडिंग प्लानर्स, इवेंट विशेषज्ञों और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

‘वेड इन उत्तराखंड’ बनेगा स्थानीय अर्थव्यवस्था की नई ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वेड इन इंडिया’ सोच को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड सरकार ‘वेड इन उत्तराखंड’ अभियान को ज़मीन पर उतार रही है। उनका विश्वास है कि वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री के सहयोग से उत्तराखंड जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेडिंग डेस्टिनेशन बन सकता है।

उन्होंने कहा कि डेस्टिनेशन वेडिंग का लाभ केवल होटल और रिजॉर्ट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे स्थानीय कलाकारों, कारीगरों, टैक्सी चालकों, फूल उत्पादकों, कैटरिंग, फोटोग्राफी, होमस्टे और छोटे व्यापारियों तक आर्थिक गतिविधियां पहुंचती हैं। यही वजह है कि सरकार इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम मान रही है।

त्रियुगीनारायण बनेगा वैश्विक आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं, बल्कि दो आत्माओं का पवित्र मिलन है। ऐसे में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर जैसी आध्यात्मिक धरोहर उत्तराखंड को विशेष पहचान देती है।

उन्होंने बताया कि त्रियुगीनारायण, ओंकारेश्वर (ऊखीमठ), रामनगर, टिहरी, मसूरी समेत कई स्थानों को विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोग यहां विवाह समारोह आयोजित कर सकें।

वेडिंग टूरिज्म के साथ वेलनेस और स्पिरिचुअल टूरिज्म पर भी फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सुंदरता का नहीं, बल्कि अध्यात्म, संस्कृति और वेलनेस का भी संगम है। राज्य सरकार वेडिंग टूरिज्म के साथ-साथ स्पिरिचुअल और वेलनेस टूरिज्म को भी समान प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों का विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देंगी। वहीं गढ़वाल और कुमाऊं में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगा पर्यटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

उन्होंने बताया कि चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, विभिन्न रोपवे परियोजनाएं, जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार तथा सभी जिलों में हेलीपोर्ट विकास जैसे कार्य पर्यटन को नई गति देंगे और यात्रियों की पहुंच को पहले से अधिक आसान बनाएंगे।

निवेशकों और वेडिंग इंडस्ट्री से सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था के जरिए निवेशकों, वेडिंग प्लानर्स और इवेंट आयोजकों को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध करा रही है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों से उत्तराखंड के पर्यटन विकास के लिए अपने सुझाव और साझेदारी का आह्वान करते हुए विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से देवभूमि जल्द ही दुनिया के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बनाएगी।

इस अवसर पर इंटरनेशनल कन्वेन्शन ऑफ इवेंट इंडस्ट्रीज (ICEI) के पदाधिकारी, पुनर्नवा वेलनेस रिजॉर्ट के संस्थापक आचार्य आशीष सेमवाल, देशभर से आए वेडिंग प्लानर्स, पर्यटन एवं इवेंट इंडस्ट्री के विशेषज्ञ, उद्यमी, निवेशक और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।