🌿 हरेला पर हरियाली का संकल्प: मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, दुर्लभ जड़ी-बूटियों के बीच दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पौड़ी गढ़वाल | 14 जुलाई 2026

हरेला पर्व के पावन अवसर पर उत्तराखंड में प्रकृति संरक्षण का संदेश और मजबूत होता नजर आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विकासखंड स्थित मालाग्राम पहुंचे, जहां उन्होंने सघन पौधरोपण कर प्रदेशवासियों से हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। 🌱

इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ का विस्तृत भ्रमण किया और यहां संरक्षित दुर्लभ हिमालयी औषधीय पौधों, अनुसंधान गतिविधियों तथा आयुर्वेद आधारित नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में स्थित ध्यान कुटी का भी निरीक्षण किया और वहां चल रहे संरक्षण कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जैव विविधता, हिमालयी औषधीय वनस्पतियां और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान राज्य की सबसे बड़ी प्राकृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध और संरक्षण के माध्यम से इन अमूल्य संसाधनों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि औषधीय पौधों के संरक्षण और आयुर्वेद आधारित अनुसंधान को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। साथ ही हर्बल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे। 🎯

मालाग्राम स्थित ‘श्री धन्वंतरि धाम हर्बल वर्ल्ड हिमालय’ देश का अपनी तरह का एक अनूठा हर्बल पार्क माना जाता है। यहां देश के विभिन्न राज्यों और हिमालयी क्षेत्रों से लाई गई दुर्लभ जड़ी-बूटियों एवं औषधीय पौधों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है। यह केंद्र पारंपरिक आयुर्वेद और आधुनिक वैज्ञानिक शोध के समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर उभर रहा है।

इस अवसर पर पतंजलि योगपीठ के संस्थापक स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल, उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।