वाराणसी | 1 नवंबर 2026
काशी और देश की राजधानी दिल्ली के बीच रेल सफर को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने नई पहल की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (31 अक्टूबर) को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इसी कार्यक्रम में वाराणसी सिटी-राजातालाब और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच दो नई MEMU रेल सेवाओं की भी शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि नई रेल सेवाएं श्रद्धालुओं, नौकरीपेशा लोगों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने इन रेल सुविधाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
🚆 उत्तर प्रदेश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है। यह देश में शुरू की गई दूसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा भी है। इससे पहले जनवरी 2026 में हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग पर इस श्रेणी की ट्रेन शुरू की गई थी।
नई ट्रेन का उद्देश्य काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात के समय आरामदायक रेल यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराना है।
🛤️ किन स्टेशनों से होकर गुजरेगी वंदे भारत स्लीपर?
रेल मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचेगी।
रेलवे की ओर से जारी समय-सारिणी के अनुसार:
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वाराणसी से प्रस्थान: रात 8:50 बजे
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नई दिल्ली आगमन: अगले दिन सुबह 6:10 बजे
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नई दिल्ली से प्रस्थान: रात 9:40 बजे
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वाराणसी आगमन: अगले दिन सुबह 7:10 बजे
यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से शुक्रवार और नई दिल्ली से शनिवार को इसका संचालन नहीं होगा।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट कम समय लेगी।
नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को लंबी दूरी की रात की यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन में कुल 16 कोच हैं और इसमें 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता है।
इसमें कोचों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
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1 फर्स्ट एसी कोच – 24 बर्थ
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4 सेकंड एसी कोच – 188 बर्थ
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11 थर्ड एसी कोच – 611 बर्थ
ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन अलार्म, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं और बेहतर यात्री आराम से जुड़े इंतजाम किए गए हैं। फर्स्ट एसी कोच में गर्म पानी की सुविधा वाला शॉवर भी उपलब्ध कराया गया है।
🚉 वाराणसी के आसपास के यात्रियों को भी मिली दो नई MEMU ट्रेनें
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ ही क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए दो MEMU सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई गई।
इनमें शामिल हैं:
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वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच नई रेल सेवा।
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बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच नई रेल सेवा।
इन सेवाओं से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त रेल विकल्प मिलेगा।
🇮🇳 योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए कहा कि काशी और दिल्ली के बीच बेहतर रेल संपर्क से श्रद्धालुओं, पेशेवरों और विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इन नई रेल सुविधाओं के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति भी धन्यवाद जताया।
इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के साथ-साथ लोको पायलट और रेलवे कर्मचारियों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।
📍 पूर्वांचल की रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विकल्प
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और दोनों MEMU सेवाओं की शुरुआत से लंबी दूरी के साथ-साथ स्थानीय रेल संपर्क को भी नया विकल्प मिला है।
जहां वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात में वाराणसी और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए है, वहीं नई MEMU सेवाएं वाराणसी, राजातालाब और प्रयागराज रामबाग के बीच आवागमन को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैं।










