देहरादून में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह और मंथन कार्यक्रम में उत्तराखंड के विकास, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई। “उत्तरजन टुडे” पत्रिका के 10 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सरकार, प्रशासन, चिकित्सा, शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा से जुड़े कई प्रतिष्ठित चेहरे एक मंच पर नजर आए।
कार्यक्रम में आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर राजेश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि “यह दशक उत्तराखंड का होगा” और सरकार प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए तेजी से काम कर रही है।
सीमांत गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी
देहरादून के एक निजी होटल में आयोजित “उत्तराखंड का दशक : चुनौतियां और संभावनाएं” विषयक मंथन में डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि पिछले चार वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं, संचार, शिक्षा और संसाधनों के क्षेत्र में तेजी से सुधार हुआ है। सरकार की कोशिश है कि विकास का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि सीमांत गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगारपरक योजनाओं, स्वास्थ्य ढांचे और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां बेहतर जीवन स्तर के साथ आर्थिक मजबूती भी दिखाई दे।
पदम बहादुर मल्ल और डॉ. जयंत नवानी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 🏅
इस अवसर पर 1962 एशियन गेम्स में भारत को बॉक्सिंग में पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाले अर्जुन अवार्डी आनरेरी कैप्टन पदम बहादुर मल्ल और प्रसिद्ध आर्थोपेडिक सर्जन डा. जयंत नवानी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह के दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा और उत्तराखंड की प्रतिभाओं पर गर्व का भाव साफ दिखाई दिया।
“बच्चों को पंचतंत्र सुनाइए, संस्कार बचाइए” — बंशीधर तिवारी
मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने समाज में गिरते जीवन मूल्यों पर चिंता जताई। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को पंचतंत्र जैसी नैतिक कहानियां सुनाएं ताकि आने वाली पीढ़ी संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बन सके।
उन्होंने कहा कि अपनी बोली-भाषा और लोक संस्कृति को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं और उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मेडिकल शिक्षा और रोजगार पर भी बड़ा फोकस
डा. आशुतोष सयाना ने कहा कि जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और नर्सिंग तथा पैरामेडिकल सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
महिलाओं के सशक्तीकरण और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
कार्यक्रम में “उत्तरजन” की एग्जीक्यूटिव एडिटर रंजना रावत ने महिलाओं और बेटियों को अधिक शिक्षित और स्किल्ड बनाने पर जोर दिया। वहीं संपादक पीसी थपलियाल ने पत्रिका की 10 वर्षों की यात्रा और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
20 विभूतियों को मिला ‘उत्तराखंड गौरव’ सम्मान 🌄
समारोह में विज्ञान, साहित्य, चिकित्सा, पत्रकारिता, लोक संस्कृति, समाज सेवा और उद्यमिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 20 विभूतियों को “उत्तराखंड गौरव” सम्मान से नवाजा गया। इसके अलावा 35 अन्य लोगों को विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सम्मानित लोगों में वैज्ञानिक, डॉक्टर, लोकगायक, शिक्षाविद, समाजसेवी, पत्रकार और सेना से जुड़े कई नाम शामिल रहे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।
देहरादून में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ सम्मान समारोह नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य, संस्कृति, नैतिक मूल्यों और विकास के विजन का एक बड़ा संदेश बनकर सामने आया।










