देहरादून। वैश्विक हालातों के बीच बढ़ती ईंधन कीमतों और आर्थिक दबाव को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऊर्जा बचत, ईंधन खपत कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
सरकार का मानना है कि कोविड महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने पूरी दुनिया की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। इसका असर भारत पर भी पड़ा है, जहां ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार अब “छोटे बदलाव, बड़ा योगदान” की नीति पर काम करती नजर आ रही है। 🎯
सप्ताह में एक दिन रहेगा “No Vehicle Day”
कैबिनेट के सबसे चर्चित फैसलों में “नो व्हीकल डे” शामिल है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी की जाएगी। इतना ही नहीं, सप्ताह में एक दिन सरकारी स्तर पर “No Vehicle Day” मनाया जाएगा, जिसमें अधिकारी व कर्मचारी घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करेंगे।
सरकार आम लोगों से भी अपील करेगी कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहनों का इस्तेमाल न करें और सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। माना जा रहा है कि इससे पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आएगी और पर्यावरण को भी राहत मिलेगी। 🌿
सरकारी दफ्तरों में बढ़ेगा Work From Home
सरकारी बैठकों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो। निजी कंपनियों को भी वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके अलावा सरकारी और निजी भवनों में एयर कंडीशनर (AC) के सीमित उपयोग पर भी जोर दिया गया है, ताकि बिजली की खपत घटाई जा सके।
“एक अधिकारी, एक वाहन” नीति लागू
परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सार्वजनिक बस सेवाओं की संख्या और क्षमता बढ़ाई जाए। जिन अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी है, वे एक दिन में अधिकतम एक ही वाहन का उपयोग करेंगे।
सरकारी कर्मचारियों को भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उत्तराखंड में जल्द आएगी नई EV Policy ⚡
राज्य सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देने की तैयारी में है। नई ईवी पॉलिसी के तहत खरीदे जाने वाले नए सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।
साथ ही राज्यभर में EV Charging Stations और चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ही भविष्य का रास्ता बनेगी।
विदेश यात्राओं पर भी लगेगी रोक
कैबिनेट में यह भी तय किया गया कि सरकारी विदेशी यात्राओं को सीमित किया जाएगा। इसके बदले “Visit My State” अभियान चलाकर घरेलू पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म और इको-टूरिज्म सर्किट को बड़े स्तर पर प्रमोट किया जाएगा। सरकार Destination Wedding को भी बढ़ावा देगी और इसके लिए Single Window Clearance की व्यवस्था करेगी।
“मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान शुरू होगा 🇮🇳
सरकार राज्यभर में जन-जागरूकता अभियान चलाएगी। “Made in State” अभियान के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा और सरकारी खरीद में “Make in India” नियमों का सख्ती से पालन होगा।
लोगों को एक वर्ष तक सोने की खरीद सीमित करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा, ताकि अनावश्यक आयात दबाव कम हो सके।
कम तेल वाला खाना, बेहतर स्वास्थ्य 🍲
सरकार अब लोगों को कम तेल वाले भोजन के फायदे बताएगी। स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में तेल के उपयोग की समीक्षा होगी।
होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को “Low Oil Menu” अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे स्वास्थ्य और ईंधन—दोनों स्तरों पर फायदा होने की उम्मीद है।
प्राकृतिक खेती और स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस
राज्य के किसानों को Natural Farming, Zero Budget Farming और Bio-inputs की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मिट्टी की सेहत को लेकर अभियान चलेंगे। 🌱
PNG गैस कनेक्शन को मिशन मोड में बढ़ाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG को प्राथमिकता मिलेगी।
इसके अलावा PM Surya Ghar Yojana के तहत Rooftop Solar योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा और गांवों में गोबर गैस संयंत्रों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
60 दिन में प्रोजेक्ट मंजूरी का लक्ष्य
Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने का भी फैसला लिया गया। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी अब 60 दिनों के भीतर प्रस्तावों को मंजूरी देगी।
सरकार का दावा है कि इन फैसलों से उत्तराखंड ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।










