देहरादून | सोमवार
🚧 उत्तराखंड में मानसून के बाद खराब हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त बनाया जाए और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जाए।
📢 सचिवालय में जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर के बाद वह स्वयं सड़क मार्ग से यात्रा कर व्यवस्थाओं और सड़क सुधार कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे।
सड़कों की स्थिति पर जिलाधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के कारण जिन सड़कों को नुकसान पहुंचा है, उनकी मरम्मत और सुधार कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में सड़कों की स्थिति की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। साथ ही सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने को प्राथमिकता देने की बात कही।
15 अक्टूबर के बाद होगा औचक निरीक्षण
🛣️ मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगाह करते हुए कहा कि 15 अक्टूबर के बाद वह कभी भी सड़क मार्ग से यात्रा कर सकते हैं और मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगे।
चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
🙏 समीक्षा बैठक में चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं बेहतर स्तर पर बनाए रखी जाएं।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यात्रा मार्गों पर यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता और अन्य जरूरी सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। संबंधित जिलाधिकारी और विभाग आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखें।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण पर जोर
🎯 मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तीसरे चरण को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही लोगों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य शासन और प्रशासन को आम जनता के और करीब लाकर समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के तहत निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जनसेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण को केंद्र में रखकर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ा जाए।
साथ ही अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
स्वाइन फ्लू और जलजनित रोगों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश
🏥 मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू सहित विभिन्न संक्रामक और जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने जिलाधिकारियों को समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करने और साफ-सफाई, आवश्यक दवाइयों तथा चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से रोगों की रोकथाम, उपचार और नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें तथा स्थिति की नियमित निगरानी जारी रखें।
जनकल्याण के कार्यों में शिथिलता नहीं होनी चाहिए
📌 मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन और प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक तय समय के भीतर पहुंचाना सुनिश्चित करें।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, विभिन्न विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।










