सीएम हेल्पलाइन 1905 पर लंबित शिकायतों को लेकर धामी सख्त, 15 दिन में पाइपलाइन-सीवर ऑडिट के निर्देश

देहरादून | सोमवार

📢 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित, समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि शिकायत को पोर्टल पर बंद कर देना ही समाधान नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक निस्तारण होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने 30 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने, 180 दिन से पुराने प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

शिकायतों के स्थायी समाधान पर जोर

सचिवालय में हुई समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आम लोगों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने और उनके समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए शिकायतों को केवल औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए बंद नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके जिलों में जिस तरह की शिकायतें सबसे ज्यादा सामने आ रही हैं, उनकी विभागवार समीक्षा कराई जाए। साथ ही बार-बार एक जैसी शिकायतें आने के पीछे के कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए।

तहसीलों में औचक निरीक्षण करेंगे जिलाधिकारी

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों के निस्तारण की समयसीमा की जांच करने को कहा गया है।

🏠 भूमि धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों में लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। निर्धारित सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

पेयजल व्यवस्था की निगरानी, 15 दिन में ऑडिट

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता देने को कहा। पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पेयजल आपूर्ति में रुकावट, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

30 दिन से पुराने मामलों पर विशेष निगरानी

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा करें।

निर्धारित अवधि में शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए गए।

वहीं, बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी रखी गई। मुख्यमंत्री ने ऐसे पुराने मामलों की नियमित विभागीय मॉनिटरिंग करने और उनके लंबित रहने के कारणों की समीक्षा करने को कहा।

‘स्पेशल क्लोज’ और ‘फोर्स क्लोज’ पर भी सख्ती

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ नहीं करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि शिकायत बंद करने से पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई वास्तव में की गई है या नहीं। शिकायतकर्ता की संतुष्टि को निस्तारण की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण आधार माना जाए।

फीडबैक से जांची जाएगी शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की प्रतिक्रिया के आधार पर यह आकलन किया जाए कि शिकायत का समाधान किस स्तर तक हुआ है।

पोर्टल पर जनसामान्य से फीडबैक लेने के साथ विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों की ओर से की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की गई है।

अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन, लापरवाही पर जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, अनावश्यक देरी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य शासन और जनता के बीच प्रभावी संवाद कायम करना तथा नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर की बात

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधे दूरभाष पर बातचीत कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

संजय कुमार रावत की चिकित्सा प्रतिपूर्ति का मामला

अनुचित तरीके से बंद की गई एक शिकायत के संबंध में मुख्यमंत्री ने संजय कुमार रावत से बात की। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से जुड़े चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने देने की बात कही और भविष्य में इस तरह की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

बेबी कोटनाला की परित्यक्ता पेंशन की शिकायत

पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से भी मुख्यमंत्री ने फोन पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि परित्यक्ता पेंशन से जुड़ी शिकायत लंबे समय से दर्ज होने के बावजूद उसका समाधान नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को मामले में तत्काल उचित कार्रवाई कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

हरिद्वार में बनी पानी की टंकी से आपूर्ति शुरू नहीं हुई

हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके घर के पास करीब तीन महीने पहले पानी की टंकी बनकर तैयार हो गई, लेकिन अभी तक उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्ट्रीट लाइट और छात्रवृत्ति की शिकायतों का हुआ समाधान

देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना ने मुख्यमंत्री को बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट की शिकायत दर्ज कराने के बाद क्षेत्र में समयबद्ध तरीके से स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने बताया कि छात्रवृत्ति से संबंधित उनकी शिकायत का विभाग ने समाधान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिलना चाहिए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, सचिवगण और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।