प्रयागराज | 11 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश में मेधावी छात्राओं के लिए शुरू की गई रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना अब क्रियान्वयन के अगले चरण में पहुंच गई है। योजना के तहत 40 हजार छात्राओं के लिए स्कूटियों की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसके लिए 320 करोड़ रुपये की लागत से GeM पोर्टल पर बिड जारी की है। 📢
वाहन निर्माता कंपनियों के लिए निविदा में शामिल होने की अंतिम तारीख 26 सितंबर 2026 रखी गई है। विभाग के अनुसार निविदा 27 सितंबर को दोपहर 3 बजे खोली जाएगी।
🛵 40 हजार स्कूटियों की खरीद के लिए टेंडर
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत मेधावी छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग ने खरीद प्रक्रिया शुरू की है।
विभाग ने 40 हजार स्कूटियों की खरीद के लिए 320 करोड़ रुपये की लागत वाली बिड GeM पोर्टल पर प्रकाशित की है। स्कूटी से जुड़ी तकनीकी आवश्यकताएं और अन्य शर्तें भी इसी निविदा में उपलब्ध कराई गई हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार पात्र वाहन निर्माता कंपनियां GeM पोर्टल पर जारी निविदा की शर्तों और तकनीकी specifications के आधार पर प्रक्रिया में भाग ले सकती हैं।
📅 26 सितंबर तक कंपनियां कर सकेंगी आवेदन
निविदा प्रक्रिया के तहत इच्छुक वाहन निर्माता कंपनियों को 26 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है।
इसके बाद 27 सितंबर को दोपहर 3 बजे निविदाएं खोली जाएंगी। यानी फिलहाल सरकार ने स्कूटियों की खरीद के लिए औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।
💰 योजना के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में भी जगह दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट दस्तावेज में मेधावी छात्रों को स्कूटी उपलब्ध कराने वाली रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।
मुख्यमंत्री के आधिकारिक विधानसभा संबोधन में भी उच्च शिक्षण संस्थानों की मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू किए जाने का उल्लेख है।
🎯 योजना का फोकस मेधावी छात्राओं पर
सरकार ने इस योजना को छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने से जोड़ा है। आधिकारिक दस्तावेजों में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का उल्लेख मेधावी छात्राओं के लिए किया गया है।
फिलहाल सामने आई खरीद प्रक्रिया 40 हजार स्कूटियों की है। इनकी आपूर्ति के लिए वाहन निर्माता कंपनियों से निविदाएं मांगी गई हैं।









