उत्तराखंड में जनगणना 2027 की शुरुआत, सीएम धामी ने खुद की स्व-गणना

देहरादून | उत्तराखंड ने डिजिटल भारत की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद आगे आकर जनगणना 2027 के तहत अपनी स्व-गणना (Self Enumeration) पूरी की और पूरे प्रदेश में इस अहम अभियान का शुभारंभ कर दिया।

📊 डिजिटल जनगणना की ओर उत्तराखंड का बड़ा कदम

मुख्यमंत्री आवास में अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुए इस अभियान ने साफ संदेश दिया—अब जनगणना भी डिजिटल और सहभागी होगी।
सीएम धामी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो पारदर्शिता और सटीकता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

🏠 क्या है जनगणना 2027 का पहला चरण?

इस बार जनगणना का पहला चरण ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना (HLO)’ है।
इसके तहत हर घर की स्थिति, सुविधाएं और परिवार से जुड़ी अहम जानकारी जुटाई जाएगी। खास बात यह है कि अब नागरिक खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं—यानी सरकार और जनता के बीच सीधा जुड़ाव

📢 सीएम धामी की जनता से अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा—
👉 “जनगणना 2027 देश के विकास की आधारशिला है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे आगे आकर स्वयं अपनी स्व-गणना करें और इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जुटाए गए सभी आंकड़े पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और उनका उपयोग सिर्फ सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।

⚡ क्यों है यह जनगणना खास?

  • पहली बार पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया
  • नागरिक खुद भर सकते हैं अपना डेटा
  • पारदर्शिता और सटीकता में बड़ा सुधार
  • भविष्य की योजनाओं के लिए मजबूत आधार

🎯 प्रशासन को सख्त निर्देश

सीएम धामी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जनगणना का कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यही डेटा आने वाले समय में राज्य और देश की नीतियों की नींव तय करेगा।


📌 निष्कर्ष

उत्तराखंड में जनगणना 2027 की यह शुरुआत सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि डिजिटल सशक्तिकरण और जनभागीदारी की नई कहानी है। अब जिम्मेदारी आम नागरिकों की भी है कि वे आगे आकर इस अभियान को सफल बनाएं।