📅 देहरादून | शुक्रवार
उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र—नैनीताल और ऊधमसिंहनगर—की जमीनी समस्याओं को लेकर अब सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में हाईलेवल समीक्षा बैठक कर साफ कर दिया कि जनता से जुड़े कामों में अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
⚡ “जनसमस्याएं प्राथमिकता पर, देरी नहीं चलेगी”
सीएम धामी ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- छोटे काम तुरंत पूरे हों
- बड़े प्रोजेक्ट तय समयसीमा में चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं
👉 “विकास कार्यों में सुस्ती अब स्वीकार नहीं होगी”—सीएम का सख्त संदेश।
🤝 विधायक और प्रशासन के बीच तालमेल जरूरी
मुख्यमंत्री ने इस बात पर खास जोर दिया कि विधायक ही जनता की असली आवाज होते हैं।
इसलिए:
- अधिकारियों को विधायकों से लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश
- समस्याओं का जमीनी स्तर पर त्वरित समाधान
🌧️ मानसून से पहले बड़ा एक्शन प्लान
आगामी बरसात को देखते हुए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है:
- बरसाती नालों की सफाई
- सिल्ट हटाने का काम
- जल निकासी व्यवस्था मजबूत
ताकि हर साल होने वाली जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से समय रहते निपटा जा सके।
🔥 गर्मियों में वनाग्नि पर भी सख्ती
गर्मी के मौसम में बढ़ते वनाग्नि खतरे को लेकर सीएम ने निर्देश दिए:
- विभागों के बीच बेहतर समन्वय
- जनजागरूकता अभियान तेज
- फायर कंट्रोल के लिए अलर्ट सिस्टम
💧⚡ पानी-बिजली पर फोकस: नहीं होगी परेशानी
सीएम धामी ने साफ कहा कि:
- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध जल आपूर्ति
- बिजली कटौती से राहत
- गर्मी में आम जनता को कोई दिक्कत न हो
🛣️ सड़क, स्वास्थ्य और खेल मैदान—हर मुद्दे पर चर्चा
बैठक में विधायकों ने अपने क्षेत्रों की कई अहम समस्याएं रखीं:
- सड़कों का निर्माण और मरम्मत
- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
- मिनी स्टेडियम और खेल मैदान
- जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा
- बाढ़ और जलभराव की समस्या
सीएम ने सभी मुद्दों पर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।
🧩 मल्टी-डिपार्टमेंट योजनाओं पर खास नजर
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में कई विभाग शामिल हैं, उनमें बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाए।
- नियमित समीक्षा होगी
- देरी पर जवाबदेही तय होगी
🎯 निष्कर्ष
नैनीताल और ऊधमसिंहनगर की जमीनी समस्याओं पर यह समीक्षा बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि साफ संदेश था—अब विकास की रफ्तार तेज होगी और जिम्मेदारी तय होगी।










