“मन की बात के 132वें एपिसोड पर सीएम – उत्तराखण्ड में पर्यटन ने तोड़े रिकॉर्ड”

देहरादून के इन्द्रानगर स्थित एक सभागार में रविवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 132वां एपिसोड सुना।

कार्यक्रम खत्म होते ही चर्चा का दौर शुरू हुआ—और यही इस जनसंवाद की असली ताकत भी है।


🎙️ ‘मन की बात’: दिलों को जोड़ने वाला संवाद

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘मन की बात’ सिर्फ एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के हर कोने की प्रेरक कहानियों को जोड़ने वाला मंच है।

उन्होंने बताया कि इस मंच के जरिए उन लोगों को पहचान मिलती है, जो सीमित संसाधनों में भी असाधारण काम कर रहे हैं—चाहे वो गांव का शिक्षक हो, कोई नवाचार करने वाला युवा या समाज सेवा में जुटा कोई आम नागरिक।

👉 “यही कहानियां देश में सकारात्मक ऊर्जा भरती हैं,” धामी ने कहा।


🏔️ जब-जब ‘मन की बात’ में गूंजा उत्तराखण्ड

सीएम ने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कई संबोधनों में उत्तराखण्ड की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पहचान का उल्लेख करते रहे हैं।

आदि कैलाश और हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों में प्रधानमंत्री के दौरे और उनके उल्लेख का सीधा असर राज्य के पर्यटन पर देखने को मिला है।


📈 शीतकालीन पर्यटन में रिकॉर्ड उछाल

उत्तराखण्ड अब सिर्फ गर्मियों का ही नहीं, बल्कि सर्दियों का भी पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

  • इस साल अब तक 1.5 लाख से अधिक पर्यटक शीतकालीन यात्रा के लिए पहुंचे
  • आदि कैलाश क्षेत्र में ही 36,700+ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे

👉 ये आंकड़े साफ बताते हैं कि देवभूमि में पर्यटन का नया दौर शुरू हो चुका है


🌍 ‘ऑल-सीजन टूरिज्म हब’ बनने की ओर उत्तराखण्ड

सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखण्ड को सालभर चलने वाला पर्यटन केंद्र बनाना है।

इसके लिए तेजी से काम हो रहा है:

  • सड़कों और कनेक्टिविटी में सुधार
  • पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं
  • होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा
  • डिजिटल सेवाओं का विस्तार

👉 इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को मिल रहा है—रोजगार बढ़ रहा है और गांवों में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं


🤝 जनता के साथ संवाद, विकास की नई सोच

इस कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

‘मन की बात’ सुनने के बाद जो चर्चा हुई, उसने एक बार फिर साबित किया कि जब सरकार और जनता एक साथ बैठकर सोचती है, तो विकास की दिशा और मजबूत हो जाती है