उत्तराखण्ड के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से अहम मुलाकात की। इस मुलाकात में जहां एक ओर राज्य की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर जोर रहा, वहीं दूसरी ओर कुम्भ 2027 को ‘डिजिटल कुम्भ’ बनाने की दिशा में बड़े कदमों पर चर्चा हुई।
🚆 पहाड़ों तक पहुंचेगी रेल, विकास को मिलेगा पंख
मुख्यमंत्री धामी ने साफ शब्दों में कहा कि उत्तराखण्ड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, पर्यटन और सामरिक दृष्टि से देश का अहम केंद्र है। ऐसे में यहां बेहतर रेल नेटवर्क बेहद जरूरी है।
उन्होंने मेरठ-दिल्ली के बीच चल रहे Regional Rapid Transit System (RRTS) मॉडल का जिक्र करते हुए इसे हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग रखी। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और किफायती सफर मिल सकेगा।
इसके साथ ही कई अहम परियोजनाओं को लेकर भी केंद्र से त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया गया:
- ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना को 2026 तक पूरा कर लोकार्पण
- टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा
- बागेश्वर–कर्णप्रयाग के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे
- हरिद्वार–देहरादून रेल लाइन का दोहरीकरण
- चारधाम रेल परियोजना के लंबित सर्वे कार्यों को जल्द मंजूरी
👉 इन परियोजनाओं के पूरा होने से कुमाऊँ से गढ़वाल तक विकास की नई धारा बहेगी और पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
📡 ‘डिजिटल कुम्भ 2027’: आस्था और तकनीक का संगम
बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण रहा कुम्भ 2027 को डिजिटल रूप देने का विजन। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार कुम्भ सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का नया मॉडल होगा।
‘डिजिटल कुम्भ’ में इन तकनीकों का इस्तेमाल होगा:
- AI (Artificial Intelligence) से भीड़ का स्मार्ट विश्लेषण
- IoT (Internet of Things) से रियल-टाइम निगरानी
- स्मार्ट ट्रैफिक और आपदा प्रबंधन सिस्टम
- श्रद्धालुओं तक त्वरित सूचना पहुंचाने की डिजिटल व्यवस्था
इसके लिए केंद्र सरकार से ₹143.96 करोड़ की सहायता का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
👉 उद्देश्य साफ है—श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अनुभव देना, ताकि दुनिया के सामने उत्तराखण्ड की नई पहचान बन सके।
🤝 केंद्र का भरोसा, उत्तराखण्ड की उम्मीद
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात के बाद यह साफ है कि आने वाले समय में उत्तराखण्ड में रेल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा—जो राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई गति देगा।










