देहरादून में नारी शक्ति का सैलाब: सीएम धामी की मशाल यात्रा ने दिया बड़ा राजनीतिक संदेश 🔥

देहरादून | 28 अप्रैल 2026

राजधानी देहरादून की सड़कों पर मंगलवार शाम ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति को नया संदेश दे दिया। गांधी पार्क से घण्टाघर तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में निकली महिला आक्रोश मशाल यात्रा में हजारों महिलाओं की भागीदारी ने यह साफ कर दिया कि अब उत्तराखंड की नारी शक्ति अपने अधिकारों को लेकर पहले से कहीं ज्यादा जागरूक, संगठित और मुखर हो चुकी है।

माताएं, बहनें और बेटियां हाथों में मशाल लेकर जब सड़कों पर उतरीं, तो पूरा शहर नारों और जोश से गूंज उठा। यह केवल एक रैली नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी की बुलंद आवाज बनकर सामने आई।

“अब नारी चुप नहीं रहेगी” – सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मशाल यात्रा सिर्फ प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ जनआक्रोश है, जो महिलाओं के अधिकारों में रुकावट डालने का प्रयास करती रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की महिलाएं अब जाग चुकी हैं और अपने सम्मान व अधिकारों के लिए हर स्तर पर एकजुट होकर खड़ी हैं। उन्होंने संकेतों में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों ने वर्षों तक महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को केवल राजनीति का साधन बनाकर रखा।

महिला आरक्षण पर सरकार के प्रयासों को बताया ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण के मुद्दे को आगे बढ़ाने का काम हाल के वर्षों में गंभीरता से हुआ है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को उन्होंने ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बताया।

उन्होंने कहा कि आज की भारतीय नारी केवल घर की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं, बल्कि समाज, राजनीति, प्रशासन और निर्णय लेने वाली शक्ति बन चुकी है।

विपक्ष पर परिवारवाद और महिला विरोधी सोच का आरोप

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी कुछ परिवारवादी और परंपरागत राजनीति करने वालों को असहज कर रही है। इसी कारण वे महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने से हमेशा बचते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की महिलाएं अब सब समझ चुकी हैं और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।

देहरादून की सड़कों से निकला बड़ा संदेश

इस विशाल मशाल यात्रा ने यह साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में महिला शक्ति राजनीति और समाज दोनों में निर्णायक भूमिका निभाने जा रही है। यह आयोजन केवल विरोध नहीं, बल्कि संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा—एक ऐसा संकल्प, जिसमें नारी अपने सम्मान, अधिकार और भागीदारी के लिए पीछे हटने वाली नहीं है।

कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से आई हजारों महिलाएं मौजूद रहीं।