हल्द्वानी से एक भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई, जहां उम्र नहीं बल्कि उत्साह ने जीत दर्ज की। वरिष्ठ नागरिक सम्मान एवं खेल समारोह-2026 में जब बुजुर्गों ने वॉलीबॉल, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसे खेलों में हिस्सा लिया, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इस मौके पर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि वरिष्ठजन हमारे समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं।
हल्द्वानी स्थित Dr. Sushila Tiwari Government Medical College Auditorium में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया और उनके योगदान को समाज की मजबूत नींव बताया।
बुजुर्गों का सम्मान ही सभ्य समाज की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस परिवार और समाज में बुजुर्गों का आदर होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि अपने आप आती है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन है और उनका आशीर्वाद समाज को दिशा देता है।
उन्होंने कार्यक्रम में खेल रहे वरिष्ठ नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि यह साबित करता है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, जज़्बा सबसे बड़ा सच है।
उत्तराखंड में 6 लाख से ज्यादा बुजुर्गों को पेंशन
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत करीब 6 लाख वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने ₹1500 डीबीटी के माध्यम से दे रही है। साथ ही पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन देने का निर्णय आर्थिक सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।
आधुनिक वृद्धाश्रमों पर सरकार का फोकस
सरकार ने बुजुर्गों के बेहतर जीवन के लिए राज्यभर में वृद्धाश्रमों का विस्तार शुरू किया है।
- बागेश्वर, चमोली और उत्तरकाशी में राजकीय वृद्धाश्रम संचालित
- देहरादून, अल्मोड़ा और चम्पावत में नए भवन निर्माणाधीन
- रुद्रपुर में आधुनिक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण जारी
स्वास्थ्य और देखभाल पर खास ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल वयोअभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन सुविधाएं दी जा रही हैं।
राज्य में पहली बार जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे।
मुफ्त मोतियाबिंद सर्जरी और सहायक उपकरण
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही इस वर्ष 1300 निशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।
कानून से भी सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को अपने भरण-पोषण के लिए कानूनी अधिकार मिलते हैं।
भावुक संदेश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड सरकार बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा और गरिमामय जीवन के लिए लगातार काम करती रहेगी।










