🚩 चारधाम और हेमकुंट यात्रा पर सीएम धामी का बड़ा संदेश, श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता; अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून | 24 जून

देवभूमि उत्तराखण्ड में चल रही चारधाम एवं हेमकुंट साहिब यात्रा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ संदेश दिया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रदेश में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करते हुए उनसे यात्रा का आनंद लेने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की।

मंगलवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्रा से जुड़े सभी इंतजामों पर लगातार नजर रखी जाए तथा श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए।

🙏 देवभूमि में आने वाले हर श्रद्धालु का स्वागत

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति की अनमोल विरासत है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करना राज्य की परंपरा और संस्कारों का हिस्सा है।

उन्होंने यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि देवभूमि के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में अपनी यात्रा का पूरा आनंद लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें।

⚖️ कर्णप्रयाग और नगरासू मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग और नगरासू में सामने आई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया गया है, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और आगे भी उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

📈 चारधाम यात्रा में 40 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चारधाम यात्रा और हेमकुंट साहिब यात्रा दोनों सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंट साहिब यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है, जो यात्रा के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है।

🕊️ हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब आस्था के प्रमुख केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में सिख गुरुओं से जुड़े तीन प्रमुख पवित्र स्थल—हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब—स्थित हैं, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि सभी समुदायों और आस्थाओं का सम्मान करना देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले सभी लोगों का स्वागत और सत्कार किया जाता है।

📱 सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी

मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने वालों से समाज और समुदायों को बांटने की कोशिश न करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाली भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

🤝 संवाद और सौहार्द ही समाधान का रास्ता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी धार्मिक स्थल आस्था, श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं। सरकार का स्पष्ट रुख है कि उत्तराखण्ड में ऐसा कोई भी कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा, किसी धर्म या आस्था को ठेस पहुंचे।

उन्होंने कहा कि संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण के माध्यम से ही समाज की चुनौतियों का समाधान संभव है।

बैठक में बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, हेमकुंट साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिन्द्रा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।