हरिद्वार | 23 जून 2026
देवभूमि उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने के संकल्प के बीच सोमवार को हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने पूज्य संत-महात्माओं का अभिनंदन करते हुए आश्रम द्वारा समाज सेवा, संस्कार निर्माण और जनजागरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने संत समाज को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना का संवाहक बताते हुए कहा कि इतिहास में संतों और मनीषियों ने समाज को दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में संत समाज का योगदान अतुलनीय रहा है, और आज भी समाज को सही मार्ग दिखाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
🎯 सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए दौर का साक्षी बन रहा भारत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के एक नए युग का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम के पुनर्विकास जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
🎯 सनातन मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता, आध्यात्मिक पहचान और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
🎯 युवाओं को संस्कृति से जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने के लिए दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है, जहां भारतीय दर्शन, संस्कृति और सभ्यता पर उच्च स्तरीय अध्ययन एवं शोध कार्य किए जाएंगे।
इसके साथ ही हरिद्वार में प्राच्य शोध संस्थान की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज का आभार व्यक्त करते हुए संत समाज से राज्य और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद देने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों के आशीर्वाद और जनसहयोग से उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, प्रदीप बत्रा, संतगण एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










