🧘‍♂️ बनबसा में योग का महासंगम: मुख्यमंत्री धामी ने हजारों लोगों संग किया योगाभ्यास, युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील

बनबसा | 21 जून 2026

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र बनबसा में योग का भव्य आयोजन देखने को मिला। माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हजारों योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि बनबसा की इस पवित्र धरती पर क्षेत्रवासियों के साथ योग करने का अवसर उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने वाले योग प्रशिक्षकों, साधकों और आयोजकों का आभार भी व्यक्त किया।

योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की पद्धति

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवनशैली है। योग व्यक्ति को मानसिक स्थिरता प्रदान करता है और उसे सकारात्मक सोच एवं संतुलित जीवन की दिशा में आगे बढ़ाता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली जैसी चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में सामने आया है। नियमित योग और प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

योग ने दुनिया को जोड़ा, भारतीय संस्कृति को दी वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को योग ने वैश्विक स्तर पर पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्वव्यापी पहचान मिली और आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके तहत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी और योग, ध्यान व प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं और सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शारदा कॉरिडोर से मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य शारदा नदी तट पर योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक और पर्यटन विकास की नई पहचान देने की दिशा में कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। परियोजना के प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

युवाओं से नशामुक्त और अनुशासित जीवन अपनाने की अपील 🎯

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग देंगे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, सचिव आयुष रंजना राजगुरु, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।