केदारनाथ: वैदिक मंत्रों के साथ खुले कपाट, फूलों की बारिश से भावुक हुए श्रद्धालु

देवभूमि उत्तराखंड की वादियों में बुधवार की सुबह जैसे ही सुनहरी किरणें उतरीं, वैसे ही भक्ति और आस्था का सागर उमड़ पड़ा। हिमालय की गोद में बसे केदारनाथ धाम में ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग के कपाट पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह ठीक 8 बजे शुभ मुहूर्त में जैसे ही द्वार खुले, पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के जयघोष से गूंज उठा। 🔱

🙏 पहली पूजा प्रधानमंत्री के नाम, गूंजा आस्था का स्वर

परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी पहली पूजा नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न हुई। कपाट खुलने का यह अलौकिक क्षण सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ और भी दिव्य हो गया। हजारों श्रद्धालु इस पावन पल के साक्षी बने और भाव-विभोर नजर आए।

🌄 मुख्यमंत्री धामी ने की देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। बाबा केदार के दर्शन कर उन्होंने देश और प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

🚁 फूलों की बारिश, 51 क्विंटल फूलों से सजा धाम

कपाट खुलने से पहले मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से सजाया गया था। जैसे ही द्वार खुले, हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। हर तरफ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। 🌸

🛕 उखीमठ से केदारनाथ तक, आस्था की यात्रा

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए एक दिन पहले ही धाम पहुंच चुकी थी।
सुबह 5 बजे से कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई और रावल भीमाशंकर लिंग व अन्य धर्माचार्यों ने गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

🛣️ चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार

मुख्यमंत्री धामी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
उन्होंने उत्तराखंडवासियों से देश-विदेश से आने वाले यात्रियों के प्रति सेवा और आतिथ्य का भाव बनाए रखने का भी आह्वान किया।