🙏 20 साल बाद लौटी आस्था की गूंज: बीरों देवल में मां चंडिका महावन्याथ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री

देवभूमि के पहाड़ों में इन दिनों भक्ति, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि ब्लॉक स्थित बीरों देवल गांव में आयोजित मां चंडिका महावन्याथ देवरा यात्रा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत कर पूरे प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

वैदिक मंत्रों की गूंज, ढोल-दमाऊं की थाप और हजारों श्रद्धालुओं की आस्था के बीच मुख्यमंत्री ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और महायज्ञ में भाग लिया।


🏔️ “यह सिर्फ अनुष्ठान नहीं, सांस्कृतिक पुनर्जागरण”

मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 वर्षों बाद आयोजित यह महायज्ञ केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

उन्होंने कहा —
👉 “देवस्थानों तक पहुंचना मात्र संयोग नहीं, बल्कि ईश्वरीय आह्वान होता है।”

उन्होंने जनसहभागिता को इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि ऐसे पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।


🛕 मंदिर पुनर्निर्माण और नई तहसील भवन की घोषणा

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाएं भी कीं:

  • मां चंडिका मंदिर परिसर का पुरातत्व विभाग से पुनर्निर्माण

  • बसुकेदार में नए तहसील भवन का निर्माण

इन घोषणाओं से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।


🌏 संस्कृति से विकास तक का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने वर्ष 2013 की आपदा के बाद हुए केदारनाथ मंदिर पुनर्निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि आज “दिव्य और भव्य केदार” पूरी दुनिया में आस्था का केंद्र बन चुका है।


⚖️ देवभूमि की पहचान बचाने पर सरकार सख्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता से छेड़छाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया:

  • धर्मांतरण विरोधी कानून लागू

  • दंगा-निरोधक प्रावधान मजबूत

  • 12 हजार से ज्यादा भूमि अतिक्रमण से मुक्त

सरकार का लक्ष्य राज्य को सांस्कृतिक रूप से मजबूत और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है।


🔔 20 साल बाद निकली दिवारा यात्रा

मां चंडिका की दिवारा यात्रा नवंबर 2025 में शुरू होकर 26 गांवों का भ्रमण करते हुए बीरों देवल पहुंची।

👉 15 फरवरी से 9 दिवसीय महायज्ञ जारी है
👉 22 फरवरी को विशाल जलयात्रा होगी
👉 24 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ यात्रा सम्पन्न होगी

पूरे क्षेत्र में इस आयोजन को लेकर उत्साह और श्रद्धा का अद्भुत माहौल बना हुआ है।