नई दिल्ली
राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत और श्रीलंका के रिश्तों को नई गति देने वाली अहम मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग के कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
यह राष्ट्रपति दिसानायका की पद संभालने के बाद दूसरी भारत यात्रा है, जिसने दोनों देशों के संबंधों की गर्मजोशी को फिर उजागर किया।
🌏 कनेक्टिविटी और तकनीक पर खास फोकस
बैठक में दोनों नेताओं ने हाल के उच्चस्तरीय दौरों और द्विपक्षीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
खास तौर पर तीन क्षेत्रों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई:
👉 भौतिक कनेक्टिविटी
👉 डिजिटल नेटवर्क
👉 ऊर्जा साझेदारी
साथ ही, विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
🌊 आपदा में मदद पर जताया आभार
राष्ट्रपति दिसानायका ने चक्रवात दितवाह के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित सहायता के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
भारत ने सबसे पहले राहत सामग्री भेजी और ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत खोज-बचाव अभियानों में भी सहयोग किया।
करीब 450 मिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण सहायता पैकेज पर दोनों नेताओं ने संतोष जताया।
🛕 सांस्कृतिक रिश्तों की भी चर्चा
हाल ही में श्रीलंका में आयोजित पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी की सफलता का स्वागत करते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि सभ्यतागत रिश्ते भारत-श्रीलंका साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत हैं।
🌊 हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता पर जोर
बैठक में दोनों देशों ने श्रीलंका के सतत विकास, आर्थिक सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
विशेषज्ञों के अनुसार यह मुलाकात दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है।










