🎯 मुख्यमंत्री धामी ने एक क्लिक में भेजी 176.59 करोड़ की पेंशन, 9.74 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंची राशि

उत्तराखंड में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के तहत मई 2026 की पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री ने वन क्लिक के माध्यम से राज्य के 9 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के बैंक खातों में 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार रुपये की पेंशन राशि भेजी। इस दौरान उन्होंने नशा मुक्त अभियान को जन आंदोलन बनाने तथा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और देखभाल का संकल्प भी दिलाया।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य स्तरीय यह जागरूकता कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े पात्र लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना भेदभाव, बिना देरी और बिना बाधा के योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ देशभर में जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के जरिए वंचित वर्गों को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।

सामाजिक न्याय को मजबूत करने पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को लखपति दीदी योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना, वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम और अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।

पर्यटन, कनेक्टिविटी और निवेश के क्षेत्र में हो रहे कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों पर कार्य जारी है।

उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ केदारखंड और मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से काम किया जा रहा है। इसके अलावा शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर की परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं।

अर्थव्यवस्था और रोजगार के आंकड़ों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है। बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट और बिजली उत्पादन के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर जोर

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, तकनीक के अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने आयोगों, परिषदों और समितियों के सदस्यों से दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी निगरानी करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, पार्वती दास, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र तथा विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।