🏆 उत्तराखंड के बेटे ने दुनिया में लहराया परचम, एमएफएन लाइटवेट विश्व चैम्पियन दिगंबर सिंह रावत से मिले मुख्यमंत्री धामी

देहरादून | 5 जून 2026

उत्तराखंड की प्रतिभा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकी है। चमोली जिले के युवा और मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) खिलाड़ी दिगंबर सिंह रावत की ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई देते हुए सम्मानित किया। गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में दिगंबर सिंह रावत ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एमएफएन (Matrix Fight Night) लाइटवेट विश्व चैम्पियन बनने पर दिगंबर सिंह रावत को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर दिगंबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उत्तराखंड के युवाओं में है वैश्विक पहचान बनाने की क्षमता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दिगंबर सिंह रावत की सफलता यह साबित करती है कि उत्तराखंड के युवा केवल शिक्षा और रोजगार ही नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दिगंबर भविष्य में भी अपने शानदार प्रदर्शन से देश और प्रदेश का नाम रोशन करते रहेंगे तथा नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।

पहले ही राउंड में जीता विश्व खिताब

उल्लेखनीय है कि चमोली जनपद के निवासी दिगंबर Singh रावत वर्तमान में एमएफएन लाइटवेट विश्व चैम्पियन हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में आयोजित एमएफएन-18 प्रतियोगिता में पहले ही राउंड में तकनीकी नॉकआउट (टीकेओ) के जरिए शानदार जीत दर्ज करते हुए रिक्त विश्व खिताब अपने नाम किया था।

इस उपलब्धि के बाद दिगंबर सिंह रावत का नाम देश के उभरते हुए एमएमए खिलाड़ियों में प्रमुखता से लिया जा रहा है।

खिलाड़ियों का बढ़ रहा मनोबल

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान दिगंबर सिंह रावत ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन और सहयोग से युवाओं का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए नई ऊर्जा मिल रही है।

उत्तराखंड के पहाड़ों से निकलकर विश्व मंच तक पहुंचने वाली यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि मेहनत, लगन और संकल्प के दम पर कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। 🎯