देहरादून | 4 अगस्त 2026
उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने रणनीतिक तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए उच्च स्तरीय मंथन किया। देहरादून स्थित सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में आयोजित बैठक में विजन 2047 के लक्ष्यों, विभागीय समन्वय, संसाधनों के बेहतर उपयोग और जिला स्तर तक कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
विकसित उत्तराखंड विजन 2047 लगभग तैयार
सोमवार, 3 अगस्त 2026 को राजपुर रोड स्थित Civil Services Institute में आयोजित “Viksit Uttarakhand Vision 2047” विषयक हाई लेवल ब्रेनस्टॉर्मिंग बैठक का शुभारंभ प्रमुख सचिव (वन) आर. के. सुधांशु ने किया।
उन्होंने बताया कि विकसित उत्तराखंड विजन 2047 का मसौदा लगभग तैयार हो चुका है। इसके अगले चरण में प्रत्येक जनपद के लिए अलग-अलग जिला स्तरीय विजन 2047 कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विभागीय समन्वय और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विजन 2047 के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। साथ ही राज्य में उपलब्ध प्राकृतिक एवं अन्य संसाधनों का अधिकतम और संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
उद्यानिकी, पर्यटन और लघु उद्योगों को विकास का आधार बनाने पर चर्चा
मंथन के दौरान उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति के प्रमुख क्षेत्रों पर भी विचार किया गया। इसमें उद्यानिकी, पर्यटन तथा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को राज्य के प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर के रूप में विकसित करने के लिए संभावित रणनीतियों पर चर्चा की गई।
महिला सशक्तिकरण के लिए STEM शिक्षा पर दिया गया जोर 🎯
बैठक में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार हुआ। इसके लिए बालिकाओं में शुरुआती स्तर से ही STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) शिक्षा को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मजबूत डेटा सिस्टम बनाने पर भी हुई चर्चा
विजन 2047 के तहत निर्धारित संकेतकों की प्रभावी निगरानी के लिए गुणवत्तापूर्ण डेटा उपलब्ध कराने और डेटा इकोसिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। इसके लिए केंद्रीकृत डेटा सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया गया, ताकि विभिन्न स्तरों पर बेहतर अनुश्रवण सुनिश्चित किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किया प्रतिभाग
कार्यशाला में प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री रमेश कुमार सुधांशु, प्रमुख सचिव (नियोजन) आर. मीनाक्षी सुन्दरम्, सभी सचिव एवं अपर सचिव, मंडलायुक्त, सभी जिलाधिकारी तथा सेतु आयोग और सी.पी.पी.जी.जी. के विशेषज्ञों ने भाग लिया।









