वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 4 अगस्त 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बाद ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित बातचीत के संदर्भ में जिन देशों का उल्लेख किया, उनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर का नाम लिया, लेकिन पाकिस्तान का जिक्र नहीं किया। इसी को लेकर पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी चर्चाएं
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हालिया बयान में ट्रंप ने खाड़ी के कुछ देशों की भूमिका का उल्लेख किया, लेकिन पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में इस बात पर चर्चा तेज हो गई कि क्या ईरान से जुड़े वार्ता प्रयासों में पाकिस्तान की भूमिका पहले जैसी बनी हुई है।
ईरान ने प्रत्यक्ष वार्ता से किया इनकार
उधर, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के साथ कोई सीधी वार्ता नहीं चल रही है। ईरान का कहना है कि समुद्री मार्गों से जुड़े विषयों पर ओमान के साथ अलग स्तर पर बातचीत जारी है।
पाकिस्तान की भूमिका पर बनी हुई है नजर
हाल के महीनों में पाकिस्तान को ईरान-अमेरिका के बीच संवाद स्थापित करने की संभावित कोशिशों से जोड़कर देखा जाता रहा है। हालांकि, ट्रंप के ताजा बयान में पाकिस्तान का उल्लेख नहीं होने के बाद इस भूमिका को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका और पाकिस्तान की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजर
ईरान से जुड़े घटनाक्रम और कूटनीतिक प्रयासों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। विभिन्न देशों के स्तर पर संपर्क और संवाद जारी हैं, जबकि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए अलग-अलग माध्यमों से प्रयास किए जा रहे हैं।









