देहरादून | 4 सितंबर 2026
उत्तराखंड में भविष्य की नीतियों और योजनाओं को राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और जरूरतों के मुताबिक तैयार करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोध, नवाचार और डेटा आधारित नीति निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। 🎯 साथ ही योजनाओं के लक्ष्यों की सालाना मॉनिटरिंग और उनके नियमित मूल्यांकन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
🔎 शोध के निष्कर्षों का नीतियों में हो इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड स्टेट सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस (USCPPGG) की शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां, मौजूदा चुनौतियां और आने वाली जरूरतें अन्य राज्यों से अलग हैं। ऐसे में नीति निर्माण में शोध और नवाचार को महत्व दिया जाना चाहिए।
शोध एवं अध्ययन से सामने आने वाले निष्कर्षों को राज्य की नीतियों और योजनाओं में उपयोग करने पर भी जोर दिया गया, ताकि उनका क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से हो सके।
📊 डेटा आधारित नीति निर्माण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने राज्य की उपलब्धियों और अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों पर केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनपद स्तर पर अधिकारियों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास को भी प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों और संभावनाओं को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जाना चाहिए।
भविष्य की कार्ययोजनाओं और नीति निर्माण में डेटा एवं शोध आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर भी जोर दिया गया।
🎓 हर साल 10 पीजी छात्रों को कैपस्टोन प्रोजेक्ट के लिए स्टाइपेंड
बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिवर्ष 10 स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को कैपस्टोन परियोजना के लिए स्टाइपेंड देने पर सहमति बनी।
इसके जरिए राज्य की प्राथमिकता वाले विषयों पर शोध और परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विश्वविद्यालयों को भी राज्य की प्रगति, संभावनाओं और विकास से जुड़े विषयों पर शोध एवं अध्ययन से सक्रिय रूप से जोड़ने का सुझाव दिया गया।
🏆 उत्कृष्ट कार्य करने वालों के लिए पुरस्कार समारोह
विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने के लिए गरिमापूर्ण पुरस्कार समारोह आयोजित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया।
इसके साथ ही सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण और इस दिशा में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा हुई।
बैठक में सदस्यों ने सुझाव दिया कि राज्य की उपलब्धियों को अधिकारियों के ओरिएंटेशन कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया जाए।
🏔️ पहाड़ों में होम टूरिज्म और MSME पर जोर
शासी निकाय के सदस्यों ने उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए कई सुझाव दिए। इनमें हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम उत्पादों को बढ़ावा देने और MSME क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
पर्वतीय क्षेत्रों में होम टूरिज्म को बढ़ावा देने का सुझाव भी रखा गया। सदस्यों के मुताबिक इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
राज्य के भविष्य से जुड़े आठ प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर विस्तृत शोध और अध्ययन कराने का सुझाव भी दिया गया, ताकि आने वाले समय की योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।
📅 योजनाओं की हर साल होगी समीक्षा पर जोर
बैठक में योजनाओं और कार्यों के नियमित मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया गया। लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वार्षिक मॉनिटरिंग के लक्ष्य निर्धारित करने और समय-समय पर नीतियों की समीक्षा कर उनकी प्रभावशीलता का आकलन करने का सुझाव दिया गया।
मृदा को प्रमुख फोकस एरिया में शामिल करने और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ब्लॉक स्तर तक अधिकारियों के प्रशिक्षण और उन्हें प्रोत्साहित करने की जरूरत भी बताई गई।
🌱 विकसित उत्तराखण्ड-2047 की रणनीति पर चर्चा
बैठक में विकसित उत्तराखण्ड-2047 की दिशा में राज्य की भविष्य की विकास रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।
इस दौरान आर्थिक विकास एवं रोजगार, मानव संसाधन एवं कल्याण, वन, जैव विविधता एवं जलवायु अनुकूलन, अवस्थापना विकास, स्थानीय स्वशासन एवं क्षेत्रीय विकास और तकनीक आधारित सुशासन जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण बताया गया।
आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन, रोजगार सृजन और सतत विकास को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
🌏 SDG के क्षेत्र में उत्तराखंड की स्थिति पर चर्चा
USCPPGG और UNDP के सहयोग से सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन के लिए किए जा रहे कार्यों की भी बैठक में समीक्षा हुई।
SDG के स्थानीयकरण एवं मॉनिटरिंग, नीति मूल्यांकन और राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर नीतिगत अध्ययन आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि सतत विकास लक्ष्यों के क्षेत्र में उत्तराखण्ड हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान पर है।
📖 मुख्यमंत्री ने ‘Uttarakhand at 25’ पुस्तक का किया विमोचन
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘Uttarakhand at 25: A Himalayan State with Infinite Possibilities’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
इस पुस्तक में उत्तराखंड की 25 वर्षों की यात्रा को समाहित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने शासी निकाय के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों का परीक्षण करने और उपयोगी सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शोध, नवाचार, प्रभावी नीति निर्माण, क्षमता विकास और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर लगातार काम करने की जरूरत बताई।
👥 बैठक में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
बैठक में विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पूर्व मुख्य सचिव एन. रविशंकर, पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एस. कश्यप, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
इसके अलावा ई-ग्रो फाउंडेशन के सीईओ डॉ. चरण सिंह, आईआईटी रुड़की के प्रो. (डॉ.) आशीष पाण्डे, दून विश्वविद्यालय के प्रो. (डॉ.) आर.पी. ममगाई, आईआईएम काशीपुर के प्रोफेसर डॉ. अतुल गुहा, उत्तराखण्ड स्टेट चैप्टर फिक्की की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, अपर सचिव नरेन्द्र भंडारी और एसीईओ सीपीपीजीजी मनोज पंत भी बैठक में उपस्थित थे।









