निर्माण श्रमिकों के लिए धामी सरकार का बड़ा कदम, 10,709 लाभार्थियों को ₹18.49 करोड़ की सहायता DBT से ट्रांसफर

मुख्यमंत्री आवास | 19 सितंबर 2026

निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने शनिवार को बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 10,709 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹18 करोड़ 49 लाख की सहायता राशि DBT के जरिए सीधे ट्रांसफर की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का लाभ हर पात्र परिवार तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। साथ ही स्वास्थ्य जांच के दौरान बीमारी सामने आने वाले श्रमिकों के इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा।

💰 एक क्लिक में 10,709 श्रमिक लाभार्थियों को सहायता

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत यह सहायता राशि जारी की गई।

वर्तमान DBT में अलग-अलग श्रेणियों के लाभार्थी शामिल हैं। इनमें प्रसूति एवं प्रसविधा सहायता के 95, मृत्युपरांत सहायता के 177, विवाहोपरांत यानी पुत्री विवाह सहायता के 2,354 और शिक्षा सहायता के 8,083 लाभार्थी शामिल हैं।

इन सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 10,709 लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि पहुंचाई गई।

🩺 बीमारी मिले तो इलाज भी सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ आसानी से मिले।

उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन श्रमिकों में किसी बीमारी की पहचान हुई है, उनके उपचार की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, परिवारों के पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

📢 त्योहारी सीजन में बढ़े जनसेवा के काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में सभी विभाग अपनी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक जनसुविधा और जनसेवा के कार्य करें।

उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पात्रता सत्यापन, पारदर्शिता और जनपदवार कवरेज की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों तक भी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा।

📚 श्रमिक परिवारों को अब तक 83,319 किट वितरित

बैठक में उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से श्रमिक परिवारों के लिए चलाए जा रहे समेकित कल्याण मॉडल की प्रगति भी प्रस्तुत की गई।

जानकारी के अनुसार अब तक:

  • 33,429 शिक्षण सामग्री किट
  • 26,674 स्वच्छता सामग्री किट
  • 23,216 पोषाहार किट

वितरित की जा चुकी हैं। इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 83,319 किट का वितरण हुआ है।

वहीं श्रमिक स्वास्थ्य योजना के तहत 20,527 स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 2,32,281 स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई।

💻 LCCMS से सेस संग्रह में 47.21% की वृद्धि

कार्यक्रम में Labour Cess Collection Management System (LCCMS) की प्रगति की जानकारी भी दी गई।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि इस प्रणाली को वर्ष 2025 में ई-गवर्नेंस श्रेणी में SKOCH Gold Award से सम्मानित किया गया। भारत सरकार के स्तर पर भी इसकी सराहना किए जाने और इसे Best Practices Compendium में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई।

LCCMS के जरिए अब तक 21,200 प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण किया गया है। इसके साथ ही सेस संग्रह में 47.21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस प्रणाली को देशभर में अपनाए जा सकने वाले डिजिटल गवर्नेंस मॉडल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया।

🏥 मोबाइल मेडिकल यूनिट से कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य योजना की प्रगति पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच से कुछ गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान करने में मदद मिली है।

प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार सम्मेलन में इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

इस दौरान पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड के इस मॉडल को अपने राज्यों में अपनाने में रुचि व्यक्त की।

मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए श्रमिकों को उनके कार्यस्थल पर ही जांच, परामर्श और रेफरल सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल को विस्तार योग्य और अनुकरणीय मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

👷 श्रमिक परिवारों तक योजनाओं की पहुंच पर जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं की नियमित निगरानी और पात्र लाभार्थियों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, विवाह, प्रसूति और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सहायता श्रमिक परिवारों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

कार्यक्रम में राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी और सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का सहित श्रम विभाग एवं बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।