वॉशिंगटन | 19 सितंबर 2026
अमेरिका में काम करने का सपना देख रहे विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए H-1B वीजा को लेकर एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कुछ H-1B मामलों में लागू 1 लाख डॉलर के अतिरिक्त भुगतान की शर्त को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। यह व्यवस्था अब 21 सितंबर 2027 तक जारी रहेगी।
यह फैसला खास तौर पर भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका के H-1B कार्यक्रम में भारत से जुड़े प्रोफेशनल्स की हिस्सेदारी काफी बड़ी है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि नया आदेश हर H-1B वीजा या हर भारतीय कर्मचारी पर लागू नहीं होता।
1 लाख डॉलर का भुगतान किसे करना होगा?
व्हाइट हाउस की नई घोषणा के मुताबिक, अमेरिका के बाहर मौजूद ऐसे विदेशी नागरिकों के H-1B मामलों पर यह प्रतिबंध लागू रहेगा, जिनके लिए अमेरिका में प्रवेश करने के लिए संबंधित H-1B याचिका के साथ 100,000 डॉलर का भुगतान किया जाना जरूरी है। नई व्यवस्था 21 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी और मौजूदा घोषणा के अनुसार 21 सितंबर 2027 तक लागू रहेगी।
हालांकि, अमेरिकी सरकार ने यह भी प्रावधान रखा है कि यदि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग किसी व्यक्ति, कंपनी या उद्योग की नियुक्ति को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में मानता है और उसे देश की सुरक्षा या कल्याण के लिए खतरा नहीं समझता, तो अपवाद दिया जा सकता है।
भारतीयों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
H-1B कार्यक्रम अमेरिका में विशेषज्ञता वाले विदेशी कर्मचारियों को रोजगार देने का एक प्रमुख रास्ता है। टेक्नोलॉजी सहित कई क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियां इस कार्यक्रम के जरिए विदेशी प्रोफेशनल्स को नियुक्त करती हैं। Reuters के मुताबिक, H-1B कार्यक्रम खास तौर पर भारत और चीन से प्रोफेशनल्स की भर्ती करने वाली टेक कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है।
USCIS की FY2024 रिपोर्ट के अनुसार, स्वीकृत H-1B याचिकाओं में 71 प्रतिशत लाभार्थी भारत में जन्मे थे, जबकि चीन में जन्मे लाभार्थियों की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत थी। इसलिए H-1B नियमों में होने वाले बदलावों का भारतीय प्रोफेशनल्स और उन्हें नियुक्त करने वाली कंपनियों पर विशेष महत्व है।
पुराने H-1B धारकों को लेकर क्या है स्थिति?
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 लाख डॉलर का भुगतान मौजूदा H-1B वीजा के सामान्य नवीनीकरण पर लागू नहीं होता। इसी तरह अमेरिका में पहले से स्टूडेंट वीजा पर मौजूद कई विदेशी नागरिकों के बाद में H-1B स्टेटस में जाने वाले मामलों पर भी यह प्रावधान लागू नहीं है।
यानी अमेरिका में पहले से मौजूद हर भारतीय H-1B कर्मचारी को अचानक 1 लाख डॉलर देने की जरूरत नहीं पड़ती। मुख्य असर उन निर्धारित मामलों पर है जिनमें संबंधित विदेशी कर्मचारी अमेरिका के बाहर है और नए H-1B के आधार पर अमेरिका में प्रवेश करना चाहता है।
ट्रंप प्रशासन ने क्यों बढ़ाई यह व्यवस्था?
व्हाइट हाउस का कहना है कि H-1B कार्यक्रम का इस्तेमाल कुछ नियोक्ताओं और आउटसोर्सिंग कंपनियों ने अमेरिकी कर्मचारियों की जगह कम वेतन वाले विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए किया। प्रशासन का दावा है कि इससे अमेरिकी श्रमिकों के रोजगार और वेतन पर असर पड़ता है।
इसी नीति के तहत प्रशासन ने H-1B आवेदनों की जांच को भी सख्त करने का फैसला किया है। नए आदेश के मुताबिक संबंधित अमेरिकी एजेंसियों को यह भी देखना होगा कि H-1B कर्मचारी को प्रायोजित करने वाले नियोक्ता ने हाल में समान पदों पर अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की है या भविष्य में ऐसी छंटनी की योजना है।
H-1B रजिस्ट्रेशन में 92% की गिरावट का दावा
व्हाइट हाउस ने अपनी नई घोषणा में कहा है कि बड़े IT स्टाफिंग और आउटसोर्सिंग संस्थानों के संयुक्त H-1B रजिस्ट्रेशन 24,946 से घटकर 2,055 रह गए, यानी करीब 92 प्रतिशत की कमी आई है। प्रशासन ने इसे पिछले प्रतिबंधों और H-1B चयन प्रक्रिया में किए गए बदलावों के प्रभाव के तौर पर पेश किया है।
सरकार ने यह भी कहा है कि FY2027 में कम से कम अमेरिकी मास्टर डिग्री वाले लाभार्थियों का हिस्सा FY2026 के 45.1 प्रतिशत से बढ़कर 66.1 प्रतिशत हो गया।
मामला अभी अदालत में भी है
H-1B पर 1 लाख डॉलर के भुगतान की शर्त को कानूनी चुनौती भी मिली हुई है। Reuters के मुताबिक, एक संघीय न्यायाधीश ने जून 2026 में इस शुल्क को गैरकानूनी माना था और सरकार को इसे वसूलने से रोक दिया था। इस फैसले की समीक्षा अपील अदालत में चल रही है। अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से भी अलग कानूनी चुनौती दी गई है।
इसका मतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने व्यवस्था को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया है, लेकिन इसकी कानूनी स्थिति पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।
📌 भारतीय H-1B आवेदकों के लिए मुख्य बातें
- 💰 कुछ H-1B मामलों में 1 लाख डॉलर का अतिरिक्त भुगतान जारी रहेगा।
- 📅 नई अवधि 21 सितंबर 2026 से 21 सितंबर 2027 तक है।
- 🇮🇳 FY2024 में स्वीकृत H-1B याचिकाओं के 71% लाभार्थी भारत में जन्मे थे।
- 🎓 अमेरिका में पहले से मौजूद कई विदेशी छात्रों के H-1B स्टेटस में जाने वाले मामलों पर यह भुगतान लागू नहीं है।
- 🔄 मौजूदा H-1B वीजा के नवीनीकरण पर यह शर्त लागू नहीं है।
- ⚖️ इस व्यवस्था को अदालत में चुनौती दी गई है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
- 🔍 H-1B प्रायोजित करने वाली कंपनियों की अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी जांच सख्त की जा रही है।









