उत्तराखंड के विकास में प्रवासियों की भूमिका पर होगा मंथन, 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में जुटेंगे प्रवासी उत्तराखंडी

देहरादून | 8 नवंबर 2026

उत्तराखंड से दूर देश-विदेश में रह रहे प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने और प्रदेश के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार एक और पहल करने जा रही है। 13 नवंबर को देहरादून के दून विश्वविद्यालय में तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन आयोजित होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आयोजन भव्य, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। सम्मेलन में निवेश, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रवासी उत्तराखंडियों के अनुभव और सुझावों पर चर्चा होगी।

🌍 देश-विदेश में बसे उत्तराखंडियों से जुड़ने की पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अपनी मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियों से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडियों के पास विभिन्न क्षेत्रों का अनुभव और विशेषज्ञता है। राज्य के विकास की योजनाओं में उनके ज्ञान और सुझावों का उपयोग किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सम्मेलन केवल प्रवासी उत्तराखंडियों को एक मंच पर लाने का आयोजन नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी जन्मभूमि और प्रदेश के विकास से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी है।

निवेश से लेकर पर्यटन तक, कई क्षेत्रों में भागीदारी पर जोर

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ खुलकर संवाद किया जाए और उनके सुझावों को गंभीरता से सुना जाए।

उन्होंने कहा कि प्रवासियों को उत्तराखंड में निवेश और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्रों में योगदान के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

सरकार का जोर इस बात पर है कि प्रवासी उत्तराखंडियों का अनुभव प्रदेश के विकास में उपयोगी साबित हो सके।

🎭 लोकसंस्कृति और परंपराओं की दिखेगी झलक

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने आयोजन स्थल पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और यातायात सहित सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और प्रत्येक व्यवस्था के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और आयोजन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं होने देने पर जोर दिया।

दो प्रमुख विषयों पर होंगे विशेष संवाद सत्र

📢 सम्मेलन का आयोजन 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय के डॉ. नित्यानन्द ऑडिटोरियम में किया जाएगा।

कार्यक्रम में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों की उपलब्धियों और प्रदेश के विकास में उनकी संभावित भूमिका पर चर्चा होगी।

सम्मेलन के प्रमुख विषयों में शामिल हैं:

  • विकसित उत्तराखण्ड में प्रवासियों की भूमिका: प्रदेश के विकास में प्रवासियों के अनुभव, निवेश और योगदान की संभावनाओं पर चर्चा।

  • हौसलों की उड़ान : उत्तराखण्ड के युवा संघर्ष से सफलता के शिखर तक: युवाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और सफलता के सफर पर संवाद।

प्रवासियों के साथ मजबूत होगा उत्तराखंड का जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसका उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों का प्रदेश के साथ स्थायी और भावनात्मक रिश्ता मजबूत करना भी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां इस तरह पूरी की जाएं, जिससे सम्मेलन सार्थक हो और प्रदेश के विकास के लिए उपयोगी सुझाव एवं परिणाम सामने आ सकें।