🕯️ रामपुर तिराहा शहीदों को CM धामी ने दी श्रद्धांजलि, अब पैतृक गांवों में स्थापित होंगी बलिदानियों की प्रतिमाएं

रामपुर तिराहा, मुजफ्फरनगर | 2 अक्टूबर 2026

रामपुर तिराहा कांड के अमर बलिदानियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उन्हें उनके पैतृक गांव या निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाएगा। 🕯️

मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर की लाइब्रेरी को ई-लाइब्रेरी में बदलने और संग्रहालय के विस्तार की भी घोषणा की।

🕊️ शहीदों की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की तैयारी

श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अमर बलिदानियों की स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि संग्रहालय के विस्तार के दौरान उत्तराखंड की पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री को भी शामिल किया जाएगा।

इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

🏛️ राज्य अतिथि गृह का होगा उच्चीकरण

रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण की घोषणा के साथ ही मुख्यमंत्री ने स्मारक परिसर में मौजूद पुस्तकालय को आधुनिक ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने की बात कही।

संग्रहालय के विस्तार का उद्देश्य राज्य की आंदोलनकारी विरासत के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं से संबंधित सामग्री को भी एक स्थान पर संरक्षित करना है।

📍 1-2 अक्टूबर 1994 की घटना को बताया पीड़ादायक अध्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 एवं 02 अक्टूबर 1994 की रात दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ रामपुर तिराहा में हुई घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का बेहद पीड़ादायक अध्याय है।

उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर के श्री यंत्र टापू समेत विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इन्हीं संघर्षों और बलिदानों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।

🗿 रामपुर तिराहा में शहीद प्रतिमाओं की स्थापना का शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया।

उन्होंने बताया कि शहीदों की मूर्ति स्थापना के लिए ₹27 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है।

मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक के लिए भूमि दान करने वाले स्वर्गीय पंडित महावीर शर्मा के योगदान को भी याद किया। उनकी प्रतिमा स्मारक परिसर में स्थापित की गई है।

📜 राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकार की योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान तथा हितों के लिए काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। इस आरक्षण से लाभान्वित आश्रितों को नियुक्ति पत्र भी दिए गए हैं।

आश्रित प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल करते हुए इन्हें तहसील स्तर पर जारी करने के आदेश दिए गए हैं।

राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद का गठन किया गया है।

🚌 राज्य आंदोलनकारियों को निःशुल्क बस यात्रा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य पर्वों के साथ जनपदीय और प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों में राज्य आंदोलनकारियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जा रहा है।

इसके अलावा परिवहन निगम की बसों में उन्हें निःशुल्क आवागमन की सुविधा भी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर राज्य की सड़कों और विद्यालयों के नाम रखे जाने के संबंध में आदेश जारी किए जा चुके हैं।

वहीं रामपुर तिराहा, खटीमा, देहरादून और मसूरी स्थित शहीद स्थलों के पुनर्निर्माण एवं विस्तारीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

🇮🇳 स्थानीय लोगों के योगदान को भी किया याद

मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड के दौरान आंदोलनकारियों की सहायता करने वाले स्थानीय लोगों के योगदान को याद किया।

उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों को सहयोग और शरण दी। मुख्यमंत्री ने इस योगदान के लिए उनका आभार जताया।

उन्होंने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में मातृशक्ति की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, माताओं और बहनों ने अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए अलग राज्य के आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।

🏔️ शहीदों के सपनों के अनुरूप राज्य निर्माण का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों ने ऐसे उत्तराखंड की कल्पना की थी, जहां नागरिकों के अधिकारों का सम्मान हो, युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें और राज्य की संस्कृति एवं परंपराएं सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके सपनों और भावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में काम करना है।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य वंदना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर डॉ. सुधीर सैनी, उपाध्यक्ष उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद मधु भट्ट, उपाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद सुभाष बड़थ्वाल, सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर समेत बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।