नई दिल्ली | 13 जून 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह दिवसीय महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर फ्रांस और स्लोवाकिया के लिए रवाना हो गए हैं। यह दौरा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत, रणनीतिक साझेदारियों और भविष्य की आर्थिक-रक्षा योजनाओं से भी जुड़ा माना जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत साझेदार देश के रूप में एक बार फिर वैश्विक विमर्श के केंद्र में रहेगा।
🌍 G-7 मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
15 जून से शुरू होने वाले तीन दिवसीय G-7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं। सम्मेलन में दक्षिण कोरिया, ब्राजील, केन्या और मिस्र जैसे देशों को भी साझेदार के रूप में आमंत्रित किया गया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था, पश्चिम एशिया की स्थिति, सुरक्षा चुनौतियां और बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दे बैठक के केंद्र में रहने की संभावना है।
✈️ राफेल और रक्षा सहयोग पर भी रहेगी नजर
विशेषज्ञों की नजर भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग पर भी टिकी हुई है। चर्चा है कि फ्रांस के साथ रक्षा क्षेत्र, अत्याधुनिक तकनीक और संभावित राफेल से जुड़े विषयों पर भी महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। हालांकि आधिकारिक रूप से किसी विशेष रक्षा समझौते की पुष्टि नहीं की गई है।
🤝 मैक्रों और फिको से होगी अहम मुलाकात
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री Robert Fico के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में रणनीतिक साझेदारी, रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा होगी।
🚀 स्टार्टअप, शिक्षा और तकनीक पर भी फोकस
फ्रांस यात्रा के दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम, विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग और नवाचार आधारित साझेदारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा और हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है।
🇸🇰 स्लोवाकिया दौरा क्यों है ऐतिहासिक?
इस दौरे का सबसे खास पहलू स्लोवाकिया यात्रा को माना जा रहा है। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया का आधिकारिक दौरा कर रहा है। ऐसे में यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।
भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाओं और संभावित समझौतों की उम्मीद भी जताई जा रही है।
🎯 क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
एक ओर भारत G-7 जैसे वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यूरोप के प्रमुख देशों के साथ रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा संबंधों को नई गति देने पर भी फोकस है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा आने वाले समय में भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करने वाली साबित हो सकती है।











