देहरादून | 12 जून 2026
देहरादून जिला प्रशासन ने उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों का इलाज कराने में असमर्थ हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान और उनके निःशुल्क उपचार के लिए विशेष अभियान को तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनपद का कोई भी बच्चा केवल पैसों की कमी की वजह से इलाज से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रशासन ने बच्चों के चिन्हीकरण और उपचार को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
बच्चों की तलाश के लिए चलेगा विशेष अभियान
जिलाधिकारी ने बाल विकास विभाग को 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून को 6 से 18 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों की पहचान के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों की मदद से ऐसे बच्चों की खोज की जाएगी, जो जन्मजात या अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और जिनके परिवार उपचार का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मिलेगा मुफ्त इलाज
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चिन्हित बच्चों का उपचार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत निःशुल्क कराया जाएगा।
इसके अलावा जिन बीमारियों का उपचार आरबीएसके के तहत संभव नहीं होगा, उनके लिए अन्य उपलब्ध वित्तीय संसाधनों और राइफल फंड का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी बच्चे को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
12 गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान, उपचार प्रक्रिया शुरू
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद बाल विकास विभाग ने अब तक 6 वर्ष तक की आयु के 12 गंभीर रूप से बीमार बच्चों की पहचान कर ली है। इन बच्चों के उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
बच्चों का स्वास्थ्य और भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. चौहान ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और उनका भविष्य सुरक्षित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित मामलों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर उपचार के लिए अग्रसारित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज के सबसे संवेदनशील वर्ग के प्रति मानवीय जिम्मेदारी का प्रतीक है।
जनपदवासियों से भी सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई ऐसा बच्चा है जो किसी गंभीर या जन्मजात बीमारी से पीड़ित है और उसका परिवार इलाज कराने में असमर्थ है, तो उसकी जानकारी निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र या संबंधित विभाग को अवश्य दें।
समय पर मिली जानकारी किसी बच्चे के जीवन को नई दिशा दे सकती है और उसके बेहतर भविष्य की नींव बन सकती है।











