🎨 CM धामी और किरेन रिजिजू ने किया छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शुभारंभ

देहरादून | 12 जुलाई 2026

देवभूमि देहरादून इन दिनों देश की विविध लोक संस्कृतियों, पारंपरिक हस्तशिल्प और लोक कला के रंगों से सराबोर है। परेड ग्राउंड में शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण के साथ हुई, जिसने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। 🌱

11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी और पारंपरिक व्यंजनों के विशेषज्ञ अपनी कला और संस्कृति की झलक पेश कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

उत्तराखंड ने बनाया नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ लोक संवर्धन पर्व के आयोजन में साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। उन्होंने इसे राज्य की विकासोन्मुखी सोच और प्रभावी प्रशासनिक समन्वय का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी।

लोक संस्कृति के संरक्षण से मिलेगा रोजगार को नया बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की भाषाएं, लोक परंपराएं, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। ऐसे आयोजन न केवल हमारी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हैं, बल्कि कारीगरों और लोक कलाकारों को नए बाजार, नई पहचान और बेहतर आर्थिक अवसर भी उपलब्ध कराते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह महोत्सव उत्तराखंड सहित पूरे देश के शिल्पकारों और युवा उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मंच बनेगा।

अल्पसंख्यक समाज के विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग के विकास के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छात्रवृत्ति, मेधावी बालिका प्रोत्साहन, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना तथा अल्पसंख्यक क्षेत्रों के विकास जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक और आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय और वैश्विक मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और ‘एक जनपद दो उत्पाद’ (ODOP) जैसी पहलें उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का माध्यम बन रही हैं।

उन्होंने प्रदेशवासियों और देवभूमि आने वाले पर्यटकों से अपील की कि वे लोक संवर्धन पर्व में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद करें, जिससे शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साह बढ़े और उनकी आजीविका को मजबूती मिले।

किरेन रिजिजू बोले— यह केवल प्रदर्शनी नहीं, भारत की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और कारीगरों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव शिल्पकारों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन में साझेदारी करने वाला पहला राज्य बनकर उत्तराखंड ने एक नई मिसाल पेश की है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्णा, संयुक्त सचिव एस.पी. रॉय, उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते सहित देशभर से आए शिल्पकार, लोक कलाकार, हस्तशिल्पी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।